17 मौत का जिम्मेदार गाजियाबाद में चला रहा था अवैध पटाखा फैक्टरी
- मधुबन बापूधाम इलाके में तीन महीने से चल रही थी अवैध पटाखा फैक्टरी का क्राइम ब्रांच ने किया भंडाफोड़
- दिल्ली-एनसीआर में रोजाना 400 कार्टून पटाखे हो रहे थे सप्लाई, दो सुपरवाइजर समेत तीन गिरफ्तार, संचालक फरार
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। दिल्ली के बवाना में अवैध फैक्टरी में विस्फोट से 17 लोगों की मौत का जिम्मेदार मनोज जैन बापूधाम इलाके में फैक्टरी चला रहा था। क्राइम ब्रांच ने सोमवार शाम फैक्टरी का भंडाफोड़ करते हुए दो सुपरवाइजर समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया। मौके से भारी मात्रा में पटाखे और विस्फोटक बरामद हुआ। फैक्टरी संचालक मनोज जैन फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
एसएसपी पवन कुमार ने बताया कि एसपी क्राइम डॉ. दीक्षा शर्मा के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच ने छापामारी की तो फैक्टरी में भगदड़ मच गई। मौके पर करीब 50 कर्मचारी काम करते मिले, जिनसे पूछताछ की जा रही है। साथ ही दो सुपरवाइजर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में सुपरवाइजर ने बताया कि करीब तीन माह से फैक्टरी चल रही थी। 4 से 5 मिनी ट्रक में रोजाना करीब 400 कार्टून पटाखे दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई हो रहे थे।
सब फैक्टरी एक जैसी थीं, कर्मचारी भागे तो पता चला
एसपी क्राइम डॉ. दीक्षा शर्मा ने बताया कि सूचना पर मधुबन बापूधाम इलाके में छापामारी की गई तो वहां सभी फैक्टरी एक जैसी मिलीं। सभी की सफेद चहारदीवारी और नीला गेट था। एक बार तो पुलिस टीम गलत फैक्टरी में घुस गई। लेकिन, एक फैक्टरी में घुसते ही कर्मचारी भागे तो पटाखा फैक्टरी चिन्हित हुई। जिसके बाद उसका कोना-कोना खंगाला गया।
परखनली को मत हिलाना, नहीं तो विस्फोट हो जाएगा
एसपी क्राइम ने बताया कि फैक्टरी की ऊपरी मंजिल पर ही लैब बनाकर विस्फोटक तैयार किया जा रहा था। परखनलियों में भरे एक दृव्य में एल्युमीनियम गलाया जा रहा था। उसे छूते ही फैक्टरी के एक कर्मचारी ने कहा कि परखनली को हिलाना मत, नहीं तो विस्फोट हो जाएगा। इसके बाद एहतियात बरतते हुए कार्रवाई की गई।
किसी पुलिसकर्मी की भूमिका मिली तो जेल भेजूंगा : एसएसपी
अवैध पटाखा फैक्टरियों और पटाखों के गोदामों में आए दिन विस्फोट से लोगों की जान जा रही है। मधुबन बापूधाम में भी मौत की फैक्टरी चल रही थी। छोटी सी चिंगारी से बड़ा हादसा हो जाता और दर्जनों लोगों की जान जा सकती थी। जांच कराई जा रही है कि पटाखा फैक्टरी में स्थानीय पुलिस की मिलीभगत तो नहीं है। जिस भी पुलिसकर्मी की मिलीभगत मिली, मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजा जाएगा।
2018 में हुए हादसे पर पीएम ने भी जताया था शोक
दिल्ली के बवाना इंडस्ट्रियल एरिया में जनवरी 2018 में अवैध पटाखा फैक्टरी में विस्फोट हुआ था। इसमें 17 लोगों की जान गई थी। गैर इरादतन हत्या और विस्फोटक अधिनियम के तहत केस दर्ज कर पुलिस ने मनोज जैन को जेल भेजा था। इस हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक जताया था।
हरियाणा के बाद गाजियाबाद में शुरू की फैक्टरी
बवाना हादसे में जमानत पर छूटने के बाद मनोज जैन ने हरियाणा के कुंडली में अवैध पटाखा फैक्टरी शुरू की थी। नवंबर 2020 में फैक्टरी का खुलासा कर पुलिस ने मनोज जैन को गिरफ्तार किया था। जमानत पर छूटने के बाद उसने गाजियाबाद में पटाखा फैक्टरी शुरू की। पुलिस के मुताबिक मनोज जैन दिल्ली-एनसीआर में बड़े पैमाने पर पटाखों की सप्लाई करता है, लिहाजा वह दिल्ली के आसपास ही फैक्टरी चलाता है।
कई स्तर पर कसेगा शिकंजा
एसपी क्राइम ने बताया कि फैक्टरी में सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं था। संचालक और सुपरवाइजर के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया जाएगा। मौके पर मिले मजदूरों में कुछ नाबालिग भी हैं, लिहाजा बालश्रम विभाग की तरफ से भी कार्रवाई कराई जाएगी।