बारिश में दुकान के टिन शेड में उतरा करंट, मां-बेटी समेत पांच की मौत
गाजियाबाद। परचून की दुकान के टिन शेड में उतरे करंट की चपेट में आकर मां-बेटी समेत पांच लोगों की मौत हो गई। यह दर्दनाक हादसा बुधवार सुबह साढ़े 9 बजे सिहानी गेट के राकेश मार्ग पर हुआ। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। वहीं, घटना के दोषियों पर कार्रवाई, पीड़ित परिवार को मुआवजे व बच्चों का पोस्टमार्टम न कराने की मांग को लेकर लोगों ने जीटी रोड जाम कर दिया। मौके पर पहुंचे पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन पर लोग सड़क से हटे।
गौतमबुद्धनगर के दादरी निवासी सुशील कुमार राकेश मार्ग पर गली नंबर तीन के सामने परचून की दुकान चलाता है। बुधवार सुबह साढ़े 9 बजे पास में ही रहने वाले रायबरेली निवासी विनोद की 11 वर्षीय बेटी सिमरन पड़ोसी राजकुमार की 4 वर्षीय बेटी सुरभि को गोद में लेकर दुकान से सामान खरीदने पहुंची। इस दौरान हल्की बारिश हो रही थी। दुकान के बाहर टिन शेड का पाइप पकड़ते ही सिमरन व सुरभि करंट की चपेट में आ गईं। पास में ही घर के बाहर खड़ा बिहार निवासी लक्ष्मी नारायण (24) दोनों बच्चियों को बचाने के लिए दौड़ा तो वह भी हादसे का शिकार हो गया। चीख-पुकार सुनकर सुरभि की मां जानकी उर्फ सीता (35) मदद के लिए दौड़ी। वह भी करंट की चपेट में आ गईं। पड़ोस में ही रहने वाले बिहार निवासी सब्जी विक्रेता अखिलेश प्रसाद की 10 वर्षीय बेटी खुशी भी घटनास्थल के पास ही मौजूद थी। जलभराव में उतरे करंट ने उसे भी अपनी चपेट में ले लिया।
जेई ने नहीं उठाया फोन, लाइनमैन से कराया शट डाउन
घटनास्थल के पास रहने वाले तरुण अग्रवाल ने बताया कि पहले दो बच्चे लोहे के पाइप से चिपकेऔर उसके बाद एक महिला-पुरूष उन्हें बचाने दौड़े तो वह भी वहीं ठहर गए। तब जाकर करंट उतरने का पता चला। उन्होंने व अन्य लोगों ने जेई को फोन मिलाया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। 10 मिनट बाद लाइनमैन जीतू को सूचना देकर बिजली सप्लाई बंद कराई। इसके बाद पांचों को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
लोगों ने जीटी रोड पर लगाया जाम, पुलिस से नोकझोंक
घटना से गुस्साए लोगों ने बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम न कराने, पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद देने व घटना के दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर जीटी रोड पर जाम लगा दिया। सूचना पर एडीएम सिटी शैलेंद्र सिंह, एसपी सिटी निपुण अग्रवाल फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने लोगों को सड़क से हटाने की कोशिश की तो नोकझोंक भी हुई। अधिकारियों ने मुआवजे के लिए पोस्टमार्टम अनिवार्य बताते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब जाकर लोग सड़क से हटे। देर शाम पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिए गए।
डीएम ने गठित की जांच टीम
मुख्यमंत्री द्वारा घटना पर संज्ञान लेने के बाद डीएम राकेश कुमार सिंह ने एडीएम सिटी शैलेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की है। जिसमें विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता सुनील कपूर व उप निदेशक विद्युत सुरक्षा अवधेश कुमार साहनी को भी शामिल किया गया गया है। डीएम ने बताया कि दुकानदार ने दो दिन पहले ही टिन शेड लगवाया था। शेड लगवाने के दौरान पास से गुजर रहे घरेलू विद्युत कनेक्शन का केबल कहीं से कट गया, जिससे टिन शेड में करंट उतर आया। टीम को जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई होगी।