स्कूल हैं तैयार, अभिभावकों का इनकार
गाजियाबाद। स्कूल तैयार, पूरा सैनिटाइज, एकदम साफ सफाई, टीचर भी ड्यूटी निभाने को तैयार। मगर तैयार नहीं तो वहां पढ़ने वाले बच्चों के मां-बाप। कक्षा एक से आठ तक के लगभग सभी अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल भेजने से इनकार कर दिया है। जिले में 16 अगस्त से स्कूल खुलने हैं।
कई राज्यों में बच्चों के संक्रमित होने से अभिभावक डर गए हैं। कक्षा 9 से 12 तक के 40 फीसदी छात्र-छात्राओं के लिए तो अभिभावकों ने स्कूल भेजने पर सहमति जता दी है। मगर कक्षा एक से आठ तक के दो प्रतिशत अभिभावक भी बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयार नहीं हैं। गाजियाबाद पैरेंट्स एसोसिएशन के दो दिन तक चले गूगल सर्वे में करीब 93 फीसदी अभिभावकों ने सरकार के कोविड के बढ़ते मामलों के बीच स्कूल खोलने के निर्णय पर भी सवाल उठाए हैं। अभिभावकों का साफ कहना है कि स्कूलों में शिक्षकों, कर्मचारियों तक को अभी वैक्सीन नहीं लगी है। ऐसे में बच्चों को किसके भरोसे स्कूल भेजा जाए। स्कूलों में बच्चों के पहुंचने के बाद स्थिति और ज्यादा खराब हो सकती है। बच्चे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर पाएंगे।
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कोट्स: पैरेंट्स
बच्चों को वैक्सीन लगने तक नहीं भेजेंगे स्कूल
पहली व पांचवीं क्लास में पढ़ने वाले दोनों बच्चों को वैक्सीन लगने से पहले स्कूल नहीं भेजेंगे। देश व विश्व में बढ़ते कोरोना के मामलों को सरकार को भी गंभीरता से लेना चाहिए। - जसवीर रावत, अभिभावक
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टीचर व स्टाफ अभी नहीं है वैक्सीनेट
स्कूलों में अभी शिक्षक और कर्मचारियों को वैक्सीन नहीं लगी है। ऐसे में किसकी जिम्मेदारी पर बच्चों को स्कूल भेजा जाए। स्कूल खोलने के निर्णय पर फिर विचार करना चाहिए। - नरेश कुमार, अभिभावक
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स्कूल खोलने का निर्णय आश्चर्यजनक
नौवीं व छठवीं क्लास में दोनों बच्चे हैं। कोविड काल में उनकी सुरक्षा पहली प्राथमिकता है। ऐसे में वैक्सीन लगने तक नहीं भेजेंगे। स्कूल खोलने का निर्णय आश्चर्यजनक है। - प्रियंका, अभिभावक
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अन्य राज्यों में बढ़ रहे केस से नहीं लिया सबक
पंजाब, महाराष्ट्र व अन्य राज्यों में खुले स्कूलों और बच्चों के कोविड की चपेट में आने की घटनाओं से सरकार ने सबक नहीं लिया है। सरकार को स्कूल खोलने के निर्णय की समीक्षा करनी चाहिए। - संजय शर्मा, अभिभावक
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16 अगस्त से 40 फीसदी स्कूल खुलेंगे। अभिभावकों के सहमति पत्र काफी कम आए हैं। जबकि कुछ स्कूल परीक्षा और अन्य कारणों से नहीं खोल रहे हैं। ऑफ लाइन और ऑनलाइन पढ़ाई के कारण स्कूल और स्टाफ के सामने भी दिक्कतें खड़ी होंगी। - सुभाष जैन, अध्यक्ष स्कूल्स फेडरेशन ऑफ गाजियाबाद