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महंत बोले काले कपड़े और सफेद गमछे में था आरोपी

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महंत बोले काले कपड़े और सफेद गमछे में था हमलावर
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गाजियाबाद। डासना मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती ने कहा कि साधु नरेशानंद पर हमला करने वाला आरोपी काले कपड़ों में और मुंह पर सफेद रंग का गमछा लपेटे हुए था। मंदिर के एक सीसीटीवी में वह कैद हुआ है। पुलिस को यह फुटेज दे दी गई है। मंदिर के कई कैमरे खराब हैं, लेकिन कुछ कैमरे काम कर रहे हैं। जहां घटना हुई है, उसके पास लगे एक कैमरे में बदमाश कैद हुआ है।
मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती का कहना है कि बदमाश को मंदिर के बारे में जानकारी थी। घटना को अंजाम देने वाला एक व्यक्ति नहीं बल्कि दो हैं। आरोपी के पास केवल पेपर कटर ही नहीं, अन्य हथियार भी थे। महंत का कहना है कि वह झूठ नहीं बोलते। जो साक्ष्य पुलिस को उपलब्ध कराए गए हैं, उनमें झूठ बोलने की भी कोई आवश्यकता नहीं है। पुलिस को बदमाश की फुटेज मिल चुकी है और डीवीआर भी उन्हीं के पास है। वहीं एसपी देहात डॉ. ईरज राजा का कहना है कि हमारे पास कोई डीवीआर नहीं है, न ही बदमाश को पकड़ने के लिए कोई साक्ष्य मिले हैं। जांच जारी है। अब सवाल यह है कि कौन सही बोल रहा है।
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रेकी करते पकड़े थे दो युवक
महंत ने कहा कि मंदिर में लोग रेकी करने के लिए आते रहते हैं। पहले भी कई बार रेकी करने के दौरान पकड़ा गया था। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों दो युवक हिंदू बनकर मंदिर में घुसे। बाद में संदिग्ध लगने पर उनकी जांच की गई तो पता चला दोनों समुदाय के हैं। वह हत्या करने के इरादे से आए थे।
मंदिर के तीन लोगों से पूछताछ कर रही पुलिस
क्राइम ब्रांच की टीम ने साधु के साथी मनोज के अलावा मंदिर में रहने वाले दो युवकों को पूछताछ के लिए बुलाया है। तीनों से घटना को लेकर पूछताछ चल रही है। यति नरसिंहानंद ने बताया कि पुलिस ने कई घंटे पूछताछ की है। पुलिस की जांच में मंदिर का पूरा स्टाफ सहयोग कर रहा है। पुलिस जिसको भी बुला रही है, वह पहुंचकर अपने बयान दर्ज करा रहे हैं।
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लापरवाही में दो पुलिसकर्मी निलंबित
- एसएसपी ने जांच के बाद की कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। डासना मंदिर में दो अतिथि साधुओं पर हमले के मामले में लापरवाही करने वाले दो पुलिसकर्मियों को एसएसपी ने निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही अन्य पुलिसकर्मियों की जांच रिपोर्ट भी मांगी है। उन्होंने मंदिर परिसर में सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
एसएसपी अमित पाठक ने मंगलवार को एसपी देहात डॉ. ईरज राजा को मामले की जांच के आदेश दिए थे। उन्होंने जांच में पाया कि जहां घटना हुई उस स्थान पर चार पुलिसकर्मियों की गारद थी, जिसमें एक पुलिसकर्मी छुट्टी पर था और तीन की ड्यूटी थी। बताया कि एक पुलिसकर्मी मौके पर नहीं था। घटनास्थल पर हेड कांस्टेबल अरविंद कुमार और कांस्टेबल धनेश सिंह मौजूद तो थे, लेकिन इन्हें वारदात की खबर ही नहीं लगी। दोनों पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आई है। दोनों की रिपोर्ट बनाकर एसएसपी को भेज दी है। एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
साधु की हालत गंभीर
डासना मंदिर में मंगलवार तड़के साढ़े तीन बजे बिहार से आए अतिथि साधु नरेशानंद और उनके साथी मनोज पर पेपर कटर से हमला कर दिया था, जिसमें नरेशानंद गंभीर रूप से घायल हो गए। मनोज के हल्की खरोंच आई थी। हमलावर घटना को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। नरेशानंद का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। हालत गंभीर है। एसपी देहात डॉ. ईरज राजा ने बताया कि पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है।
घटना पर उठ रहे सवाल
डासना मंदिर के अंदर 22 पुलिसकर्मियों के मौजूद होने के बाद भी दो साधुओं पर हमला करने के बाद बदमाशों के फरार होने पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। लोगों का कहना है कि इस हमले के पीछे कोई और वजह हो सकती है। पुलिस ने भी इस बिंदु पर जांच करनी शुरू कर दी है कि आरोपी मंदिर के अंदर का है या बाहर का। पुलिस अधिकारी इस मामले में बयान देने से बच रहे हैं।
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108 को पहले कॉल
गाजियाबाद। साधु पर हमला होने के बाद सूचना पुलिस को पहले नहीं दी गई। 108 नंबर पर एंबुलेंस के लिए कॉल की गई। मंदिर के अंदर 22 पुलिसकर्मी, सेवादार और अन्य लोगों को लगाकर 50 लोग मौजूद थे। इन्हें बाद में पता चला।
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