ईएमयू कार शेड पर तैनात महिला कांस्टेबल निलंबित, सीएचआई को रिमांड पर लिया
गाजियाबाद। चिपियाना स्थित रेलवे की ईएमयू कार शेड में हुई अब तक की सबसे बड़ी चोरी के मास्टर माइंड सीएचआई (मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक) को बृहस्पतिवार को सात घंटे की रिमांड पर लेकर आरपीएफ अधिकारियों ने पूछताछ की। सीएचआई ने चोरी के संबंध में कई अहम राज खोले। दूसरी ओर, चोरी की अवधि में कार शेड के मेन गेट पर ड्यूटी पर तैनात रहीं आरपीएफ की महिला कांस्टेबल प्रियंका को भी निलंबित कर दिया गया।
बीती 9 अक्तूबर को ईएमयू कार शेड से 45 लाख की कीमत के तीन ट्रांसफार्मर चोरी कर लिए गए थे। सीएचआई तेजकरण मीणा ने कार शेड परिसर में साफ-सफाई के लिए जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली बुलाई थीं। इन्हीं के माध्यम से तीनों ट्रांसफार्मर को शेड परिसर से बाहर ले जाया गया था। इस मामले में आरपीएफ सिपाही अजय कुमार और एक कबाड़ी भी शामिल थे। आरपीएफ अधिकारी कांस्टेबल अजय कुमार, सीएचआई तेजकरण मीणा और कबाड़ी समेत 18 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। आरपीएफ ने सीएचआई से पूछताछ के लिए कोर्ट से उसका रिमांड मांगा था। कोर्ट ने सुबह 10 से शाम पांच बजे तक रिमांड मंजूर किया था। इस अवधि में आरपीएफ अधिकारियों ने सीएचआई से पूछताछ की। सीएचआई ने कई अहम राज आरपीएफ अधिकारियों को बताए हैं। अधिकारी अब इन बिंदुओं को जांच में शामिल करेगी।
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महिला कांस्टेबल की रही लापरवाही
चोरी की अवधि में आरपीएफ कांस्टेबल प्रियंका ईएमयू कार शेड के मेन गेट पर तैनात थी। ट्रैक्टर-ट्रॉली और जेसीबी को परिसर में लाते वक्त प्रियंका ने उन्हें रोककर पूछताछ की थी। इस पर सीएचआई तेजकरण मीणा ने अपने नाम पर उनकी एंट्री करा ली। ट्रैक्टर-ट्रॉली को बाहर ले जाते वक्त प्रियंका ने उनकी चेकिंग नहीं की। इस दौरान चेकिंग कर ली गई होती तो कबाड़ के नीचे छुपाए गए ट्रांसफार्मर बाहर ले जाने से पहले ही बरामद हो जाते। आरपीएफ इंस्पेक्टर पीकेजीए नायडू ने बताया कि ड्यूटी में लापरवाही के कारण महिला कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है।