लिंक रोड थाने के पास हथियार दिखाकर कलेक्शन एजेंट से 8 लाख लूटे
साहिबाबाद। लिंकरोड थाने से चंद कदम दूर वैशाली मेट्रो स्टेशन के पास लुटेरों ने बुधवार दोपहर स्कूटी सवार कलेक्शन एजेंट से हथियार के बल पर 8 लाख रुपये से भरा बैग लूट लिया। लुटेरों ने उन्हें गोली मारने की धमकी दी और फरार हो गए। वह इंदिरापुरम, वैशाली, वसुंधरा से कलेक्शन इकट्ठा कर साहिबाबाद की कंपनी जा रहे थे। वहीं, पुलिस घटना को संदिग्ध मानकर जांच में जुटी है।
गौतमबुद्धनगर के बहलोलपुर के रहने वाले सुनील कुमार साहिबाबाद मंडी के पास एक मोबाइल कंपनी में कलेक्शन एजेंट हैं। वह स्कूटी से क्षेत्र में मोबाइल की दुकानों पर रिचार्ज का पैसे इकट्ठा करते हैं। बुधवार को विभिन्न दुकानों से पैसे इकट्ठे कर कंपनी लौट रहे थे। तभी अपाचे बाइक पर आए दो लुटेरों ने टक्कर मारकर नीचे गिरा दिया। दोनों लुटेरे हेलमेट पहने थे। लुटेरों ने सुनील की तरफ हथियार तान दिया और गोली मारने की धमकी दी। इसके बाद उनकी स्कूटी से बैग लूटकर फरार हो गए। उन्होंने लुटेरों का पीछा किया लेकिन वह वैशाली की अंदरूनी गलियों से घूमकर फरार हो गए। उन्होंने सूचना डायल-112 पर पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने एजेंट को अपने साथ गाड़ी में बैठा लिया और जांच के लिए काफी देर तक विभिन्न रूट पर घुमाते रहे। वारदात के लिए लुटेरों ने पूर्व में रेकी की थी। ऐसे में पुलिस जिन दुकानों से पैसे एकत्रित किए गए थे, उन सभी की सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। लगातार बढ़ रहे अपराध के बीच थाने के पास दिनदहाड़े हुई लूट की वारदात को थाने की पुलिस मीडिया से काफी देर तक छुपाती रही।
सड़क पर पुलिस, फिर भी लूटा पैसों से भरा बैग
जनपद में मजबूत कानून व्यवस्था की तस्वीर ऐसी है कि बेखौफ लुटेरे लिंक रोड थाने से चंद कदम की दूरी पर ही वारदात को अंजाम दे गए जबकि वैशाली मेट्रो स्टेशन के पास पुलिस की पिकेट और लैपर्ड के अलावा अन्य पीसीआर भी खड़ी रहती है। इसके अलावा पुलिस कप्तान बदलने के बाद थाने-चौकी के पुलिसकर्मी लुटेरे, चोर और बदमाशों पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं। ऐसे में बड़ा सवाल है कि आखिर थाने के पास लूट की भनक पुलिस को नहीं लगी।
पुलिस मान रही लूट को संदिग्ध, जांच शुरू
पुलिस का कहना है कि एजेंट ने आधे घंटे बाद लूट की सूचना दी, जबकि वैशाली मेट्रो स्टेशन के पास हर समय ऑटो और बस में यात्री रहते हैं। कुछ दुकानदारों से बात की लेकिन उन्होंने घटना की जानकारी होने से इनकार किया। उधर, लोगों का कहना था कि घटना के बाद एजेंट घबरा गया होगा और पहले उसने कंपनी के लोगों को फिर पुलिस को सूचना दी होगी। स्टेशन के पास खड़े लोग ज्यादातर घटनाओं पर ध्यान नहीं देते हैं।
एसपी सिटी सेकेंड ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि कलेक्शन एजेंट अपने दोस्त की स्कूटी मांगकर लाया है। घटना की सूचना 30 मिनट देरी से दी गई। जांच के दौरान वह बार-बार घटनास्थल बदल रहा है। प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध लग रहा है, विभिन्न जगहों की सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है।