सीआईएसएफ में बढ़ाई जाए महिला जवानों की संख्या : अमित शाह
इंदिरापुरम/गाजियाबाद। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ( सीआईएसएफ) में महिला जवानों की संख्या बढ़नी चाहिए। अभी इसमें कुल 9200 महिलाएं हैं जो कुल फोर्स की 6.38 फीसदी है। इसे बढ़ाकर 20 फीसदी किया जाना चाहिए। उन्होंने आतंकवाद से लेकर नक्सलवाद तक से निपटने में सीआईएसएफ की भूमिका की तारीफ की। साथ ही यूक्रेन में फंसे भारतीयों को लाने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन गंगा में योगदान को भी सराहा।
सीआईएसएफ के 10 मार्च को होने वाले 53वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में रविवार को इंदिरापुरम स्थित पांचवी बटालियन में आयोजित समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शाह ने कहा, जम्मू कश्मीर से लेकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सीआईएसएफ के जवान डटे हुए है। 52 वर्षों के सफर में सीआईएसएफ ने सुरक्षा और शांति कायम करने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। ढाई बिलियन अर्थतंत्र की विकास यात्रा में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल का कर्मयोगी की तरह योगदान रहा है। कोविड काल में एयरपोर्ट पर वंदेमातरम के उद्घोष के साथ जवानों ने सुरक्षा प्रदान की। संक्रमण के कारण कई जवानों अपना बलिदान भी दिया।
उन्होंने कहा, देश का आर्थिक तंत्र जब ढाई बिलियन से बढ़कर पांच बिलियन होगा तो निजी औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा का जिम्मा भी बढ़ जाएगा। ऐसे में सीआईएसएफ को पांच साल की बेस और 25 वर्ष की दीर्घकालीन योजना में निजी सुरक्षा एजेंसियों को प्रशिक्षित करने की तैयारी करनी होगी। इसमें एक हजार, पांच हजार और दस हजार कर्मियों की औद्योगिक इकाइयों के सुरक्षा गार्डों को प्रशिक्षित किया जा सकता है। फिर जैसे-जैसे निजी सुरक्षाकर्मी पूर्ण प्रशिक्षित होकर बढ़ते जाएंगे उसके बाद सीआईएसएफ उन्हें सुरक्षा सुपुर्द कर देगी।
उन्होंने कहा कि देश आजादी का 75वां अमृत महोत्सव मना रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी ने देश के विशिष्ट बल के रूप में सीआईएसएफ को रेखांकित किया है। 100वें वर्ष में आजादी की शताब्दी पर संकल्प महोत्सव मनेगा, तब तक सीआईएसएफ को और ऊंचाई पर ले जाने का लक्ष्य अभी से बना लेना चाहिए। उन्होंने सीआईएसएफ को सीमांत क्षेत्र में ड्रोन विरोधी खतरा बढ़ने पर साइबर फिजिकल सिस्टम तैयार करने के लिए कहा। गृहमंत्री ने दो वर्ष में लक्ष्य से अधिक 17 लाख पौधे लगाने पर सराहा। यहां उन्होंने जवानों को पदक देकर सम्मानित भी किया।
ऑपरेशन गंगा में अहम भूमिका
यूक्रेन में फंसे भारतीयों को लाने के लिए ऑपरेशन गंगा चल रहा हैए उसमें भी सीआईएसएफ का योगदान सराहनीय है। वर्ष 1970 में स्थापित सीआईएसएफ बल जो तीन हजार सदस्यों के साथ शुरू हुआ था, वो एक लाख 64 हजार जवानों का परिवार बन गया है। उन्होंने कहा कि 22 वर्षों में सीआईएसएफ ने देश के संवेदनशील एयरपोर्ट, बंदरगाह, कोयला उत्पादन और अन्य क्षेत्रों में भूमिका निभाई। अब मेट्रो में रोजाना 30 लाख लोगों की सुरक्षा करके हमें गौरवांवित करते हैं। हमें अब इससे आगे के बारे में सोचना पड़ेगा क्योंकि सीआईएसएफ का दायरा अब बढ़ने जा रहा है।