फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बॉर्डर से हटे बैरियर, 50 हजार लोगों के लिए अब दिल्ली दूर नहीं

विज्ञापन
गाजियाबाद। गाजीपुर बॉर्डर पर दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे पर लगाए गए अवरोध को हटाती दिल्ली पुलिस की ? - फोटो : GHAZIABAD City
विज्ञापन
बॉर्डर से हटे बैरियर, 50 हजार लोगों के लिए अब दिल्ली दूर नहीं
विज्ञापन

कौशांबी। दिल्ली पुलिस द्वारा शुक्रवार रात बैरियर हटाए जाने से 11 महीने बाद एक्सप्रेसवे और एनएच-9 होकर दिल्ली जाने का रास्ता खुल गया। दोनों से दो-दो बैरियर हटने के बाद अब दोपहिया और चार पहिया वाहन आसानी से निकल सकते हैं। रात में दिल्ली की ओर दो एंबुलेंस भी निकल कर गईं। नवंबर 2020 को किसान आंदोलन शुरू होने और 26 जनवरी 2021 को दिल्ली में हुए बवाल के बाद दिल्ली पुलिस ने गाजीपुर सर्विस लेन, एनएच-9 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर सीमेंटेड बैरियर लगाकर रास्ते रोक दिए थे।
भाकियू के बैनर तले भारी संख्या में किसान 28 नवंबर को यूपी गेट पहुंचे थे तब दिल्ली पुलिस ने गाजीपुर के रास्ते दिल्ली की ओर लोहे की बैरिकेडिंग लगा दी थी। किसानों का कारवां बढ़ा और उन्होंने दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे पर डेरा जमा लिया। दो दिसंबर को एनएच -9 पर किसानों द्वारा मंच बनाने के बाद पुलिस ने दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे पर बैरिकेडिंग लगाकर उसे बंद कर दिया था। सिर्फ इमरजेंसी वाहन ही जा पा रहे थे। 26 जनवरी को लालकिले की घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने गाजीपुर सर्विस लेन, एनएच-9 और दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे पर सीमेंटेड बैरियर की मदद से पक्का अवरोध कर दिया। जिससे किसान दिल्ली की सीमा में ना घुस पाए।
विज्ञापन

शुक्रवार सुबह दिल्ली पुलिस के स्पेशल सीपी लॉ एंड ऑर्डर दिलीप पाठक ने निरीक्षण के दौरान कहा कि यह दिल्ली पुलिस की पहल है और हम चाहते हैं कि हाईवे पर लोगों का आना-जाना शुरू हो। किसान हमारे संपर्क में हैं। किसानों से पहले भी बात की गई थी कि बैरियर हटा दिए जाएंगे और बातचीत से मसला हल किया जाएगा। उनके साथ डीसीपी ईस्ट प्रियंका कश्यप भी थीं।
विज्ञापन

एक्सप्रेसवे पर किसानों के टेंट और मंच
दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई से अभी लोगों को राहत नहीं मिलेगी। क्योंकि खोड़ा के पास पुलिस ने आंदोलन स्थल में जाने के लिए चेकपोस्ट बनाया हुआ है, एनएच-9 की लेन पर है। एक्सप्रेसवे पर अभी तक कई किसानों के टेंट लगे हैं, जिसमें खाने-पीने के सामान भी रखा है। आंदोलन का मंच भी इसी लेन पर है, जिसमें एंबुलेंस, छोटे फायर टेंडर व दोपहिया वाहनों के निकलने के लिए जगह है, लेकिन भारी वाहन नहीं निकल सकते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें