बालिग बताकर जेल भेजा गया तस्कर 17 साल का निकला
गाजियाबाद। लोनी बॉर्डर पुलिस द्वारा मुठभेड़ के बाद जेल भेजे गए सात पशु तस्करों में से एक नाबालिग निकला। आरोपी की हड्डी जांच की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है। सीएमओ ने आरोपी की उम्र 17 साल निर्धारित करते हुए पुलिस को रिपोर्ट भेज दी है। बता दें कि मुठभेड़ के बाद एक आरोपी के परिजनों ने आधार कार्ड दिखाते हुए उसे नाबालिग बताया था। इसके बाद जांच बैठाई गई थी।
11 नवंबर को लोनी बॉर्डर पुलिस की हाजीपुर बेहटा स्थित गोदाम में पशु कटान कर रहे तस्करों से मुठभेड़ हुई थी। सात तस्कर गोली लगने से घायल हुए थे। सभी के पैर में एक ही स्थान पर गोली लगने से मुठभेड़ सवालों के घेरे में थी। इसके बाद 13 नवंबर को एसएसपी ने तत्कालीन एसएचओ राजेंद्र त्यागी को थाने से हटाकर इंदिरापुरम थाने में इंस्पेक्टर क्राइम बनाया था। इस पर इंस्पेक्टर राजेंद्र त्यागी ने मोर्चा खोलते हुए अधिकारियों के इस फैसले को मनोबल गिराने वाला बताया और थाने में तस्करा डालकर घर के लिए रवानगी कर रही थी। अनुशानहीनता के आरोप में एसएसपीू ने 15 नवंबर को इंस्पेक्टर निलंबित कर दिया था। साथ ही सीओ लोनी को मामले की जांच सौंपी थी। वहीं, एक तस्कर के परिजनों ने आरोप लगाया कि उनका बेटा नाबालिग है। उन्होंने आधार कार्ड भी दिखाया, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने मनमानी चलाते हुए उसे बालिग दर्शाकर जेल भेज दिया। सीओ की जांच रिपोर्ट के आधार पर उम्र निर्धारण करने के लिए आरोपी का बोन टेस्ट करा गया था।
आरोपी की उम्र 17 वर्ष, पुलिस को भेजी रिपोर्ट : सीएमओ
कलाई की हड्डी और दांतों की जांच के अलावा आरोपी का एक्स-रे कराया गया था। इसके बाद तीनों डॉक्टरों की रिपोर्ट सीएमओ को भेज दी गई थी। सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार ने बताया कि बोन टेस्ट के आधार पर आरोपी की उम्र 17 साल निर्धारित हुई है। इस संबंध में पुलिस को रिपोर्ट भेज दी है। वहीं, पुलिस का कहना है कि कोर्ट में मेडिकल रिपोर्ट सबमिट कर दी है। कोर्ट के आदेश के बाद आरोपी को जेल से बाल सुधार गृह भेजा जाएगा।