शहर के राजनगर से तीन दिन पहले गुम हुआ तेंदुआ शनिवार को करीब आठ किमी दूर जाकर डासना की अध्यात्मिक नगर कॉलोनी में दिखा। यहां पर तेंदुआ ने एक वनकर्मी समेत दो लोगों पर हमला कर घायल कर दिया। वनकर्मी अस्पताल में भर्ती हैं। हमले के बाद वन विभाग के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। पकड़ने के लिए दो पिंजरे लगाए हैं। आसपास के लोगों में दहशत है।
मंगलवार की रात करीब दो बजे राजनगर सेक्टर-13 में सीसीटीवी में पहली बार तेंदुआ दिखा था। सर्च अभियान चलाया गया, लेकिन तेंदुआ का कोई सुराग नहीं मिला। वन विभाग के अधिकारियों ने मान लिया था कि तेंदुआ शहर से कहीं दूर जा चुका है। सर्च अभियान भी बंद कर दिया था। शनिवार दोपहर करीब 12:30 बजे डासना फ्लाईओवर के पास चरन सिंह खेत में धान की फसल काट रहे थे। उन्होंने तेंदुए को कुत्ता समझकर कुछ नहीं कहा। जैसे ही वह कटाई करते हुए आगे बढ़े तो तेंदुए ने एक साथ दौड़ लगा दी।
वह मंदिर की दीवार कूदकर प्रेम कुमार गोगी के घर में घुस गया। वहां काम करने वाले चंदन ने तेंदुए को भागने की कोशिश की तो उनके ऊपर हमला कर दिया। उनके हाथ की नस कट गई। लोगों ने पुलिस को सूचना दी। उन्होंने क्षेत्रीय वन अधिकारी को जानकारी दी। वन विभाग की टीम ने सर्च अभियान शुरू किया। इस दौरान वन कर्मी सुनील कुमार पर हमला कर दिया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए। चंदन को एनएच-9 स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया।
तेंदुआ देख घर में बंद हो गए लोग
अध्यात्मिक नगर कॉलोनी में जैसे ही लोगों को तेंदुए के बारे में जानकारी मिली तो लोगों ने अपने घर के दरवाजे बंद कर लिए तो कुछ लोग छतों पर देखने के लिए चढ़ गए। धीरे-धीरे भीड़ बढ़ती चली गई। पुलिस ने लोगों की सुरक्षा को देखते हुए लोगों को खदेड़ा। जिस झाड़ी में तेंदुआ छिपा है, उसमें एक शराबी घुसने लगा। पुलिस ने उसे भगाया।
पिंजरे में बांधा बकरा
वन विभाग के अधिकारियों ने तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे के अंदर बकरे को बंद कर दिया। पिंजरे को ऊपर से घास से ढक दिया गया, जिससे पिंजरे की पहचान न हो सके।
तीन घंटे बाद पहुंचा पिंजरा
वन विभाग के अधिकारियों की लापरवाही फिर सामने आई है। तेंदुआ की सूचना 12:30 बजे दे दी गई थी, लेकिन वन विभाग के अधिकारी तीन घंटे तक पिंजरा नहीं पहुंचा पाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ही पिंजरा लगा दिया जाता तो तेंदुए को आसानी से पकड़ा जा सकता था।