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राफेल, सुखोई और तेजस सहित 75 लड़ाकू विमानों ने दिखाई ताकत

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आस्मां के हम सिकंदर। गाजियाबाद। वायु सेना दिवस की झलकियां .. हवा में पिरामिड बनाते आकाशगंगा टीम क?
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राफेल, सुखोई और तेजस सहित 75 लड़ाकू विमानों ने दिखाई ताकत
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साहिबाबाद। हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर शुक्रवार को वायुसेना दिवस के मौके पर एयरशो में राफेल, सुखोई और तेजस सहित 75 लड़ाकू विमानों को ताकत देखने को मिली। वायुवीरों ने इनसे त्रिशूल, विजय, मेघना जैसी आकृति बनाते हुए हैरतअंगेज करतब दिखाए। राफेल से उड़ान भरते ही तालियों की गड़गड़ाहट से एयरफोर्स स्टेशन गूंज उठा। आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक करने वाले मिराज 2000 विमान भी आकर्षण का केंद्र रहे।
सुबह आठ बजे आकाशगंगा टीम में दस पैराट्रूपर्स ने आठ हजार फीट की ऊंचाई से छलांग लगाई। इसमें जवानों के हाथ में राष्ट्रीय ध्वज के रंग के पैराशूट भी थे। इन्हें लेकर जांबाजों ने नील गगन में राष्ट्र के सर्वोपरि का संदेश दिया। स्क्वाड्रन लीडर जयंत भारतीय वायुसेना का ध्वज लेकर तिरंगे पैराशूट में उतरे तो दर्शकों ने उनका तालियां बजाकर हौसला बढ़ाया। इनके साथ तंगेल पैराट्रूपर्स नीचे कूदे तो सभी ने उनका हौसला बढ़ाया। टीम ने 6000 फीट की ऊंचाई से स्काई डाइविंग की। इसमें भारतीय थल सेना के हवलदार राजेंद्र प्रताप सिंह और सार्जेंट विक्रम कुमार व विशाल कुमार ने हिस्सा लिया।
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इसके बाद जवानों ने ड्रम की धुन और बैंड की आवाज पर परेड में कदमताल की। इस बीच निशान टोली के सम्मान में अधिकारी और दर्शक खड़े हो गए। सभी ने वायुसेना की इस निशान टोली को सैल्यूट किया। टीम का नेतृत्व स्क्वाड्रन लीडर जितेंद्र शर्मा ने किया। इसके बाद भारतीय युद्धक विमानों ने रुद्र, मेघना, एकलव्य, राहत, त्राण, बहादुर, शमशेर, विजय, त्रिशूल और कई तरह की फॉर्मेशन से दर्शकों को हैरान कर दिया। हैरतअंगेज करतबों के बीच कार्यक्रम में आए विदेशी मेहमानों ने भी खूब तालियां बजाई।
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1971 के युद्ध में इस्तेमाल एंटी एयरगन ने भी भरी उड़ान
विंग कमांडर रोहित सिंह ठाकुर चिनूक हेलिकॉप्टर से आसमान में 1971 युद्ध में इस्तेमाल एंटी एयरगन को लेकर उड़ान भरते नजर आए। वहीं अपाचे और एमआई 35 विमान ने एकलव्य फॉर्मेशन बनाया। विमानों की कलाबाजी को देखकर दर्शक कुर्सियों से खड़े हो गए। तीन सी. 130 जे ग्लोबमास्टर की आवाज आसमान में गूंजने लगी तो दर्शकों की निगाहें इधर-उधर घूमने लगीं। सुखोई, मिराज 2000 विमानों ने त्राण फॉर्मेशन से दर्शकों को हैरान कर दिया। इसमें दोनों विमान एक दूसरे के सामने आए गए और काफी तेज स्पीड में बराबर से निकल गए। बहादुर फॉर्मेशन के बाद पांच जगुआर विमानों ने शमशेर फॉर्मेशन दिखाई। तीन सुखोई विमानों ने फिर से त्रिशूल फॉर्मेशन किया। वहीं, ग्लोबमास्टर, अपाचे और चिनूक ने प्रताप फॉर्मेशन किया। सारंग हेलिकॉप्टर, सूर्य किरण ने ऐरोबेटिक में ग्लोबमास्टर विमान के साथ करतब किया। वहीं, भारतीय विमानों ने डायमंड फॉर्मेशन, ट्रांसफार्मर फॉर्मेशन से भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
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