न रुकी वसूली, न तय फीस के लगे बोर्ड
गाजियाबाद। आधार कार्ड बनवाने और संशोधन कराने में कॉमन सर्विस सेंटर की मनमानी जारी है। न तो लोगों से वसूली रुकी है और ना ही संचालकों ने तय फीस की सूची अपने केंद्रों में चस्पा की है। शुक्रवार को जब इन केंद्रों की पड़ताल की तो अधिकांश स्थानों पर सीएससी बंद मिले। जानकारी मिली की जांच और रेड की कार्रवाई के डर से केंद्र बंद किए गए हैं।
अमर उजाला की बृहस्पतिवार के अंक में प्रकाशित पड़ताल में सीएससी द्वारा आधार संबंधी कार्योें के बदले पांच सौ से अधिक रुपये वसूलने का खुलासा किया गया था। इसके बाद जिला प्रशासन ने सभी सीएससी को तय फीस बोर्ड पर चस्पा करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद भी जिले के कई क्षेत्रों में केंद्र के अंदर सूची चस्पा नहीं की गई थी। प्रधान डाकघर पहुंचे लोगों ने सीएससी पर वसूली के आरोप लगाए। विजयनगर से आए रमेश पाल ने बताया कि आधार कार्ड में पता बदलवाने के लिए वह डाकघर आए थे। इससे पहले लाइनपार क्षेत्र के सीएससी में जाकर पता किया तो 300 रुपये पता अपडेट कराने के मांगे गए।
बंद रहे अधिकांश केंद्र
शुक्रवार को कुछ क्षेत्रों में सीएससी बंद रहे। राजनगर में बीएसएनएल स्थित केंद्र पर ताला दिखाई दिया। इसके अलावा मालीवाड़ा स पुराना बस अड्डा जाने वाले रास्ते और गोविंदपुरम में भी सीएससी केंद्र बंद रहे।
यूडीआई को लिखा पत्र, नोडल अधिकारी नियुक्त करने की सलाह
जिला प्रशासन ने आधार कार्ड के नाम पर की जा रही वसूली को रोकने के लिए यूडीआई के लखनऊ मुख्यालय को पत्र लिखा है। जनपद में लोगों की शिकायतों को लेकर एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का सुझाव जिला प्रशासन ने दिया है। अधिकारियों का कहना है कि तहसील स्तर पर भी सीएससी की सूची तैयार कर इनकी जानकारी सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। इसको लेकर विस्तृत कार्ययोजना जिला प्रशासन तैयार कर रहा है, जिससे जिला स्तर पर एक शिकायत अधिकारी को भी नियुक्त किया जाएगा।
बच्चोें के आधार बनवाने में शिकायतें अधिक
बच्चों के आधार कार्ड बनवाने और संशोधन में जिला प्रशासन को भी अधिक शिकायतें मिल रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही बच्चों के आधार संबंधी कार्यों के लिए शिविर आयोजित कराए जाएंगे।
काम तय शुल्क
आधार बनना 50 रुपये
आधार में नाम-पता संशोधन 50 रुपये
बायोमीट्रिक संशोधन 100 रुपये
पैन कार्ड संशोधन 107 रुपये
सख्ती से होगी निगरानी
कॉमन सर्विस सेंटर पर वसूली की शिकायतों के बाद निगरानी बढ़ाई जाएगी। यदि कोई व्यक्ति किसी भी केंद्र की शिकायत लेकर आता है, तो जांच के बाद लाइसेंस निरस्त कराया जाएगा। यूडीआई को भी इस संबंध में पत्र लिखा गया है।
- यशवर्धन श्रीवास्तव, एडीएम फाइनेंस एवं नोडल जनसुविधा केंद्र