फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बैंक कर्मचारी बन लोहा कारोबारी के खाते से निकाले 32 लाख

विज्ञापन
विज्ञापन
बैंक कर्मचारी बन लोहा कारोबारी के खाते से निकाले 32 लाख
विज्ञापन

गाजियाबाद। साइबर ठगों ने बैंक कर्मचारी बनकर लोहा कारोबारी के खाते से 32 लाख रुपये निकाल लिए। 30 लाख रुपये की रकम ट्रांसफर का चेक लेकर जाने पर खाते में 5 हजार रुपये मिलने पर कारोबारी को घटना का पता चला। पीड़ित कारोबारी ने बैंक कर्मियों से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए नगर कोतवाली में तहरीर दी, जिसके आधार पर सिहानी गेट पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
पटेल नगर निवासी सुनील कुमार अग्निहोत्री ने बताया कि नवयुग मार्केट की एसबीआई शाखा में उनका बचत खाता है। वह 18 अगस्त को ऑनलाइन कारोबार के लिए एप डाउनलोड कराने बैंक गए थे। वहां समय ज्यादा होने पर 20 अगस्त को फिर से बैंक गए, लेकिन एप डाउनलोड नहीं हो सका। कारोबारी का कहना है कि 21 अगस्त को उनके पास कॉल आई। कॉलर ने खुद को बैंककर्मी बताते हुए एप डाउनलोड करने का तरीका बताया। इस दौरान उनसे खाते व पासवर्ड की जानकारी ले ली गई। बैंककर्मी समझकर उन्हें भी शक नहीं हुआ। कारोबारी का कहना है कि इसके बाद नैनीताल चले गए और 25 अगस्त को वापस लौटे। उन्हें 30 लाख रुपये दूसरे बैंक खाते में ट्रांसफर कराने थे, लिहाजा 26 अगस्त को वह एसबीआई में चेक लगाने चले गए। वहां जाने पर पता चला कि खाते में सिर्फ 5 हजार रुपये हैं।
विज्ञापन

कारोबारी का कहना है कि केवाईसी न होने के कारण उनका एटीएम कार्ड ब्लॉक पड़ा हुआ है और उन्होंने आज तक पेटीएम इस्तेमाल नहीं किया। खाते की स्टेटमेंट निकलवाने पर पता चला कि 21 से 26 अगस्त तक करीब 50 बार में 32 लाख रुपये निकाले गए हैं। रकम निकालने के लिए एटीएम, पेटीएम और इंटरनेट बैंकिंग का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही यह भी पता चला कि खाते में दर्ज उनका मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी भी बदल दी गई।
विज्ञापन

कारोबारी सुनील कुमार अग्निहोत्री का कहना है कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि वह एप डाउनलोड कराने के लिए बैंक गए थे, इसका पता साइबर जालसाजों को कैसे चला। उन्होंने बैंककर्मियों की मिलीभगत का आरोप लगाया। कारोबारी का आरोप है कि पुलिस उनकी रिपोर्ट तक दर्ज नहीं कर रही थी। लखनऊ के एक अधिकारी से एसएसपी को फोन कराने पर सिहानी गेट थाने में केस दर्ज हुआ। एसपी सिटी निपुण अग्रवाल का कहना है कि आरोपियों तक पहुंचने के लिए साइबर सेल को भी लगाया गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें