लिंग परीक्षण के मामले बढ़े... घट गई बेटियों की संख्या
गाजियाबाद। जैसे जैसे भ्रूण लिंग परीक्षण का जाल फैलता जा रहा है, वैसे वैसे लड़कियों की संख्या कम हो रही है। ऐसे मामले सामने आ चुके जिनमें लिंग भ्रूण परीक्षण से बेटी का पता चलते ही गर्भपात करा लिया जाता है। जिले में अब 1000 लड़कों पर 925 लड़कियां हैं। एक साल पहले तक 961 थीं। जिन इलाकों में भ्रूणा लिंग परीक्षण के मामले ज्यादा पकड़े गए, वहीं लिंगानुपात सबसे ज्यादा बिगड़ा है।
लोनी ब्लॉक में 1000 लड़कों पर 897 लड़कियां हैं। लोनी में ही भ्रूण लिंग परीक्षण के मामले सबसे ज्यादा पकड़े गए हैं। 2011 में जिले में लड़के और लड़की का अनुपात 870 था। 2012 में 52 लड़कियों की कमी होने के साथ यह घटकर 818 पर पहुंच गया। पिछले नौ साल के दौरान इसमें लगातार सुधार हुआ। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2018 में जिले में लिंगानुपात 928 था और वर्ष 2019-20 में जून तक बढ़कर 961 पर पहुंच गया। इस बार घट गया। लोनी में दो साल में 10 से अधिक लिंग परीक्षण के मामले पकड़े जा चुके हैं। तीन साल में इसका उल्लंघन करने पर 30 से ज्यादा रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग ने दर्ज कराई है।
पांच साल में पैदा हुए बच्चे एवं लिंगानुपात
वर्ष - लड़के - लड़कियां - लिंगानुपात
2021 - 8251 - 6902 - 925
2020 - 38791 - 36491 - 940
2019 - 40532 - 38511 - 950
2018 - 43343 - 40173 - 926
2017 - 40906 - 37973 - 928
ब्लॉक के अनुसार लिंगानुपात
लोनी - 897
रजापुर - 961
भोजपुर - 899
मुरादनगर - 923
जिले में संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्र - 324
जून में निरस्त किए गए केंद्र - 8
बिना पंजीकरण चल रहा केंद्र - 01 (सील)
जून महीने में किया गया निरीक्षण - 26
यहां सिर्फ योजना बन रही...हरियाणा की टीम कर रही भंडाभोड़
आशुतोष यादव
गाजियाबाद। पिछले पांच साल में जिले के प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने भ्रूण लिंग परीक्षण का कोई मामला नहीं पकड़ा है। इस बीच हरियाणा के अलग-अलग जिलों से टीम न सिर्फ छापा मार चुकी है, बल्कि लिंग परीक्षण करते हुए आरोपियों को पकड़ चुकी है। हरियाणा की टीम द्वारा सूचना मिलने पर कार्रवाई के नाम पर गाजियाबाद स्वास्थ्य विभाग की टीम रिपोर्ट दर्ज कराकर अपनी ड्यूटी पूरी कर लेती है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में 324 केंद्र पंजीकृत हैं। जून 2021 में उन आठ अल्ट्रासाउंड सेंटरों को निरस्त किया गया, जिनके संचालक केंद्र चलाना नहीं चाहते थे। आंकड़ों में दावे किए गए हैं कि 15 केंद्रों का निरीक्षण किया गया है, लेकिन किसी भी केंद्र पर लिंग परीक्षण करते हुए स्वास्थ्य विभाग को नहीं मिला।
पीसीपीएनडीटी के अध्यक्ष व तत्कालीन जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने इसी साल 10 फरवरी को हरियाणा और गाजियाबाद के स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ बैठक कर रणनीति बनाई थी कि संयुक्त रूप से लिंग परीक्षण रोकने का काम करेंगे। बैठक के महज पांच दिन बाद 15 फरवरी को लोनी में फरीदाबाद से आई टीम ने छापा मारकर दो डाक्टरों को लिंग परीक्षण करते हुए पकड़ा था। उसमें स्वास्थ्य विभाग को भनक तक नहीं लगी थी। पीसीपीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. सुनील त्यागी ने दूसरे दिन पत्र जारी कर बताया था कि मशीन पोर्टेबल थी और उसका पंजीकरण नहीं था।
सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधर ने बताया कि अब सख्ती से अभियान चलाया जाएगा। अल्ट्रासाउंड केंद्रों का नवीनीकरण चल रहा है। अधिकांश सेंटरो का नवीनीकरण हो चुका है, जिनका अभी नहीं हो पाया है, उनकी फाइल चल रही है, जल्द ही नवीनीकरण हो जाएगा। पीसीपीएनडीटी एक्ट का पूरी तरह से पालन किया जा रहा है।
पूर्व में भी पकड़े मामले
- एक अप्रैल 2021 - सीएमओ कार्यालय के पास संजय नगर में दो गिरफ्तार
- जनवरी 2021 - रजापुर में तीन गिरफ्तार
- 15 फरवरी 2021 - लोनी में छापा मारा, दो गिरफ्तार
- 26 नवंबर 2020 - लोनी में छापा मारा, एक गिरफ्तार दो फरार
- 12 नवंबर 2020 - लोनी में छापा मारा, मौके से फरार
- 29 सितंबर 2020 - लोनी में छापा मारा, दो गिरफ्तार
- 22 अगस्त 2019 - मुरादनगर में छापा मारा
- 27 जून 2017- लोनी में छापा मारा, एक गिरफ्तार, तीन फरार