जिले में 200 करोड़ का होगा निवेश, बढ़ेेंगे रोजगार के अवसर
गाजियाबाद। जिले में टैक्सटाइल इंडस्ट्री में हरियाणा से गाजियाबाद में 200 करोड़ के निवेश कराने की तैयारी है। दोनों राज्यों से तीन बड़ी इकाईयों ने जिले में उद्योग संचालित करने के लिए जिला उद्योग और प्रोत्साहन केंद्र से संपर्क किया है। अधिकारियों का कहना है कि टैक्सटाइल उद्योगों के लिए मोदीनगर, मुरादनगर और पिलखुवा में भूमि की तलाश की जा रही है। इस संबंध में जीडीए, यूपीसीडा सहित अन्य विभागों के साथ पत्राचार भी किया गया है।
उत्तर प्रदेश टैक्सटाइल पॉलिसी 2017 के तहत प्रदेश में वस्त्र उद्योग लगाने के लिए खरीदी गई जमीन पर शत-प्रतिशत छूट स्टांप ड्यूटी में दी जाती है। इसे देखते हुए जिले से सटे राज्यों से टैक्सटाइल उद्योग से जुड़े उद्यमी अपनी जमीन यहां तलाश रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोनों राज्यों से तीन बड़ी इकाईयों ने जिले में उद्योग शुरू करने में दिलचस्पी दिखाई है। तीनों इकाई जिले में करीब 200 करोड़ का निवेश करना चाहती हैं। अंडर गारमेंट और शक्कर और खाद के लिए बोरे बनाने वाली इकाई जिले में उद्योगों की शुरुआत करेंगी। एक इकाई ने मुरादनगर के अबुपुर में दस बीघा जमीन खरीदी है, जहां शक्कर और खाद के बोरे बनाए जाएंगे। इसके बाद टैक्सटाइल इंडस्ट्री विकसित किए जाने को लेकर प्रयास तेज कर दिए गए हैं। जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों ने बताया कि मोदीनगर और मुरादनगर में भी करीब 80 हजार गज भूमि के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जहां टैक्सटाइल उद्योगों को विकसित किया जा सके। पिलखुवा में पहले से ही टैक्सटाइल इंडस्ट्री है, वहां भी उपलब्ध भूमि को दूसरे राज्यों से आने वाले उद्योगों को दिखाया जा रहा है।
2017 के बाद से टैक्सटाइल की बढ़ी इकाईयां
प्रदेश में टैक्सटाइल पॉलिसी 2017 लागू होने के बाद इससे जुड़ी इकाईयों की संख्या भी बढ़ी है। वर्तमान में करीब 115 से अधिक वस्त उद्योग जिले में संचालित हैं। इसके अलावा एमएसएमई एक्ट लागू होने के बाद भी अन्य प्रदेशों से इकाईयां दिल्ली के नजदीक गाजियाबाद में संभावनाएं तलाश रही हैं। एमएसएमई एक्ट के तहत 72 घंटे में उद्योग शुरू करने के लिए सभी जरूरी लाइसेंस और एनओसी प्रदेश सरकार उपलब्ध करा रही है।
गौतमबुद्धनगर में मिलती है 75 फीसद की छूट
टैक्सटाइल पॉलिसी के तहत जिले में भूमि खरीदने पर स्टांप ड्यूटी में शत-प्रतिशत की छूट है जबकि गौतमबुद्धनगर में इसमें 75 फीसदी की छूट ही मिलती है। इस वजह से उद्यमी गौतमबुद्धनगर से अधिक गाजियाबाद जिले में उद्योग लगाने को तरजीह दे रहे हैं।
रोजगार के बढ़ेंगे अवसर
गाजियाबाद में टेक्सटाइल इंडस्ट्री विकसित होने के बाद रोजगार के और भी अवसर आने वाले दिनों में बढ़ेंगे। मुरादनगर में शुरू होने वाली इकाई से करीब 200 लोगों को रोजगार मिल सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि टैक्सटाइल इंडस्ट्री विकसित होने पर लगभग छह से सात हजार लोग रोजगार से जुड़ सकेंगे।
टैक्सटाइल इंडस्ट्री सहित अन्य उद्योगों को लेकर भूमि के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस संबंध में अन्य विभागों से वार्ता भी हुई है। दूसरे राज्यों से निवेश बढ़े, इसके लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जा रहा है। पिलखुवा में उपलब्ध भूमि पर प्राधिकरण से वार्ता हुई है। मोदीनगर और मुरादनगर के लिए भी जीडीए से भूमि के लिए वार्ता की है।
बीरेंद्र कुमार, संयुक्त आयुक्त
जिला उद्योग एवं प्रोत्साहन केंद्र