कविनगर में 24 घंटे मिलेगा पानी, मीटर से करना होगा भुगतान
गाजियाबाद। कविनगर कॉलोनी में 24 घंटे पानी की आपूर्ति मिलेगी। इस वार्ड में पानी के संसाधन विकसित कर स्काडा सिस्टम से जोड़ा जाएगा, लेकिन इस सुविधा के क्षेत्र के लोगों को पैसा भी ज्यादा देना होगा। केंद्र सरकार की अमृत 2.0 योजना के तहत इस वार्ड में पानी के कनेक्शनों पर मीटर भी लगाए जाएंगे। लोगों को पानी के खर्च के हिसाब से नगर निगम को पैसा चुकाना होगा।
उड़ीसा के पुरी में शुरू किए जा चुके इस प्रोजेक्ट को अब सरकार ने अन्य शहरों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू करने के निर्देश दिए हैं। सरकार के आदेश पर नगर निगम के वार्ड संख्या-91 को इस पायलट प्रोजेक्ट के लिए चुना गया है। जल निगम को वार्ड में 24 घंटे पानी की आपूर्ति के लिए जरूरी संसाधनों, मौजूदा संसाधनों (नलकूप, ओवरहेड टैंक, पाइप लाइन आदि) का अध्ययन कर डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट एक माह में तैयार करनी है। यह काम जल निगम की अतिरिक्त प्रकल्प इकाई के इंजीनियरों को सौंपा गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस वार्ड को पानी की आपूर्ति के लिहाज से आदर्श वार्ड के तौर पर विकसित किया जाएगा और 100 फीसदी कनेक्शनों पर मीटर लगाए जाएंगे। हालांकि पानी की दरें अभी तय नहीं है, प्रोजेक्ट शुरू होने से पहले यह दरें तय की जाएगी। इस प्रोजेक्ट में पानी की आपूर्ति सीधे नलकूपों से नहीं बल्कि ओवरहेड टैंक से होगी, ताकि भवनों की ऊपरी मंजिलों पर भी बिना मोटर चलाए पानी मिल सके।
नगर निगम से मांगा डाटा
जल निगम के इंजीनियरों ने कविनगर में 24 घंटे पानी देने की इस योजना के लिए नगर निगम से वार्ड से संबंधित डाटा मांगा है। वार्ड की आबादी, ओवरहेड टैंक की संख्या, वार्ड में लगे नलकूपों की संख्या और उनसे मिलने वाले पानी की मात्रा, सीडब्ल्यूआर, पाइपलाइन की जानकारी और इन संसाधनों की वर्तमान स्थिति से संबंधित ब्यौरा मिलने के बाद जल निगम के अधिकारी क्षेत्र का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करेंगे।
स्काडा सिस्टम के जरिये लाइन लीकेज होते ही मिल जाएगा संदेश
पानी की आपूर्ति की निगरानी स्काडा (सुपरविजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्विजिशन) सिस्टम के जरिये होगी। नलकूपों के चलाने और बंद करने से लेकर लाइनों की वॉल्व खोलने तक का पूरा काम कंप्यूटराइज्ड होगा। अधिकारी अपने दफ्तर में बैठकर या कंट्रोल रूम के जरिये पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी कर सकेंगे। किसी भी गली में अगर पाइपलाइन लीकेज होगी तो कंप्यूटर सिस्टम के जरिए पता चल जाएगा कि किस क्षेत्र में पानी का प्रेशर कम हुआ है और कर्मचारी सीधे उसी प्वाइंट पर पहुंचकर लाइन को रिपेयर कर देंगे।
सरकार से बजट मिलने के बाद शुरू होगा काम
गाजियाबाद नगर निगम के एक वार्ड को पानी की आपूर्ति के लिए आदर्श वार्ड बनाना है। इसमें 24 घंटे पानी की आपूर्ति देनी है और 100 फीसदी घरों में वाटर मीटर लगाए जाने हैं। सरकार के आदेशों पर एक वार्ड को पायलट प्रोजेक्ट के लिए चुना गया है। जल्द ही इसकी डीपीआर तैयार कर सरकार को भेज दी जाएगी। सरकार से पैसा मिलने के बाद इस परियोजना पर काम शुरू किया जाएगा। - आकाश त्यागी, अधिशासी अभियंता, जल निगम