भांजी से दुष्कर्म करने वाले रिश्ते के मामा को पांच साल कारावास
गाजियाबाद। सात साल पहले मामा-भांजी के रिश्ते को कलंकित करने वाले रिश्ते के मामा को पाक्सो कोर्ट ने सात साल कारावास की सजा सुनाई है। अदालत के न्यायाधीश ईश्वर सिंह ने दोषी पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर दो महीने अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। घटना को अंजाम मसूरी थाना क्षेत्र में दिया था, जबकि किशोरी रहती विजय नगर थाना क्षेत्र में है। सुनवाई के दौरान अदालत में अभियोजन की ओर से छह गवाह परीक्षित कराए गए।
विशेष लोक अभियोजक सतीश शर्मा ने बताया कि विजय नगर क्षेत्र में रहने वाली नाबालिग अपनी चाची के घर गई थी। वहां उसकी चाची का भाई जारचा निवासी प्रमोद जाटव भी आया हुआ था। प्रमोद 20 मार्च 2015 को किशोरी को बहलाकर अपने साथ मोपेड पर बैठाकर जारचा ले रहा था। देहरा झाल के पास उसने भांजी के साथ दुष्कर्म किया और उसे बेहोशी की हालत में छोड़कर फरार हो गया। नाबालिग के भाई ने मामले की रिपोर्ट मसूरी पुलिस में दर्ज कराई। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर प्रमोद जाटव को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। मामले की अंतिम सुनवाई शुक्रवार को विशेष पाक्सो कोर्ट तीन के न्यायाधीश ईश्वर सिंह की कोर्ट में चली।