जिसके हत्यारे की तलाश थी, वही निकला हत्या का आरोपी
मोदीनगर। पुलिस जिस अजीत उर्फ अजय के हत्यारे की तलाश कर रही थी, शव की डीएनए जांच हुई तो पता चला कि हत्या उसकी नहीं हुई, बल्कि उसने ही की है। यह साजिश इसलिए रची ताकि पुलिस उसे मरा समझकर फाइल बंद कर दे। इस साजिश में उसकी पत्नी कविता और दो बेटे सूर्यकांत और रविकांत भी शामिल रहे। तीनों ने किसी और के शव को अजीत का बताया था। कविता को गिरफ्तार कर लिया गया है। बेटों की तलाश की जा रही है।
शव निवाड़ी रोड स्थित एमआईटी कॉलेज के सामने जंगल में अगस्त 2021 मिला था। इसका डीएनए सैंपल लिया गया था। तीन दिन बाद अज्ञात में दाह संस्कार कर दिया गया था। एक महीने बाद कविता और उसके बेटों ने कपड़े, जूते और शव के फोटो के आधार पर शनाख्त की तो बेटों के डीएनए सैंपल भी लिए गए। मिलान के लिए दोनों सैंपल जांच के लिए भेजे गए। इसके बाद से ही कविता और बेटे कहने लगे कि डीएनए जांच की क्या जरूरत है। तभी से ही पुलिस को शक हो गया। जांच रिपोर्ट आई तो पता चला कि बेटों से अजीत के बताए शव के डीएनए का मिलान नहीं हुआ। इससे पुष्टि हो गई कि शनाख्त साजिश के तहत की गई थी। पुलिस ने बेटों के अलावा अजीत के भाई अरविंद के डीएनए से भी मिलान कराया, यह भी नहीं मिला। इसके बाद पत्नी, बेटों की तलाश की। पत्नी को मोदीनगर से पकड़ लिया गया। उससे पूछताछ में पूरी साजिश का खुलासा हो गया। सीओ सुनील कुमार सिंह ने बताया कि डीएनए रिपोर्ट से इस साजिश से पर्दा उठा।
अपनी कद-काठी के युवक की ली जान
पुलिस का कहना है कि मुरादनगर के जीतपुर निवासी अजीत ने जिस युवक की हत्या की, वह उसी की उम्र का थाए कद-काठी भी उसके जैसे ही थी। उसे अपने कपड़े और जूते पहना दिए थे। हत्या के बाद उसका चेहरा जला दिया था। पत्नी ने पूछताछ में बताया कि इस साजिश का उन्हें पहले से पता था।
नाम बदलकर निकला था जेल से
पुलिस की आंखों में अजीत पहले भी धूल झोंक चुका है। उसके खिलाफ जानसठ से युवक की अपहरण के बाद हत्या का केस दर्ज हुआ था। इसमें वह 10 जून 2021 को मुजफ्फरनगर जेल गया था। 11 दिन बाद खुद को विकास बताकर जेल से निकल गया था। उस मामले में फरार चल रहा है।
किसकी हत्या की, पता नहीं चला
पुलिस यह पता नहीं कर पाई है कि अजीत ने हत्या किसकी की। उसकी पत्नी ने पूछताछ में कहा कि इसकी जानकारी पति को ही है। पुलिस अब अजीत की तलाश कर रही है। उसके पकड़े जाने पर पता चलेगा कि उसने किसकी जान ली।