फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मांस की दुकानें बंद कराने के आदेश देकर मेयर बैकफुट पर

विज्ञापन
विज्ञापन
मांस की दुकानें बंद कराने के आदेश देकर मेयर बैकफुट पर
विज्ञापन

गाजियाबाद। मांस की दुकानों को 9 दिन तक बंद कराने का आदेश देने का मामला लखनऊ तक पहुंचा तो अगले दिन महापौर आशा शर्मा बैकफुट पर आ गईं। अब शहर में मांस की सभी दुकानें नहीं सिर्फ धार्मिक स्थलों के पास की दुकानें बंद रहेंगी। शनिवार को उन्होंने नगर स्वास्थ्य अधिकारी को संशोधित आदेश जारी किए और शासन के निर्देशों का अनुपालन कराए जाने को कहा।
दरअसल, किसी भी नगर निकाय में किसी भी जनप्रतिनिधि ने ऐसे लिखित आदेश जारी नहीं किए थे। मांस की दुकानों के संबंध में शासन के निर्देशों का अनुपालन कराए जाने के मौखिक आदेश दिए जाते थे। महापौर आशा शर्मा ने शुक्रवार को नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार को आदेश जारी कर 2 से 10 अप्रैल तक शहर की सभी मांस की दुकानों को बंद कराए जाने और धार्मिक स्थलों के आसपास सफाई कराने को कहा था। उनके आदेश पर नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने भी सभी जोनल सेनेटरी इंस्पेक्टरों को इसका अनुपालन कराने के आदेश दे दिए थे।
विज्ञापन

महापौर आशा शर्मा का यह पत्र सोशल मीडिया के माध्यम से लखनऊ तक पहुंचा तो मामला गर्मा गया। रमजान के महीने में शहर की सभी मीट की दुकानें जबरन बंद कराने के विरोध शुरू हो गया और इन बेतुके आदेश का मामला तूल पकड़ गया। जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों पर उच्चाधिकारियों के फोन आने शुरू हो गए। मामला इतना बढ़ा कि शनिवार दोपहर को ही महापौर आशा शर्मा को आदेश वापस लेकर संशोधित आदेश जारी करने पड़े।
मेयर का पहला आदेश
2 से 10 अप्रैल तक नौ दिवसीय नवरात्र का शुभारंभ हो रहा है। शहर के सभी मंदिरों में साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाए और शहर की सभी मांस की दुकानें भी 9 दिन के लिए बंद कराई जाएं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।
मेयर का संशोधित दूसरा आदेश
नगर स्वास्थ्य अधिकारी को संबोधित संशोधित आदेश में मेयर ने कहा कि एक अप्रैल को मेरे द्वारा आपको 9 दिवसीय नवरात्र में मांस की दुकानों को तत्काल प्रभाव से बंद कराने के निर्देश दिए गए थे। उक्त आदेश को संशोधित करते हुए आपको निर्देशित किया जाता है कि इस संबंध में शासन द्वारा जो दिशा निर्देश दिए गए हैं, उनका अनुपालन सुनिश्चित कराएं।
पार्षद ने जताया विरोध, मेयर-नगरायुक्त व डीएम को भेजा पत्र
कैला भट्ठा क्षेत्र से कांग्रेस पार्षद जाकिर अली सैफी महापौर आशा शर्मा, नगरायुक्त महेंद्र सिंह तंवर और डीएम आरके सिंह को पत्र भेजकर मेयर के दुकान बंद कराने के आदेश का विरोध किया। उनका कहना है कि 3 अप्रैल से रमजान भी शुरू हो रहे हैं। ऐसे में सिर्फ उन्हीं मांस की दुकानों को बंद कराया जाए जो धार्मिक स्थलों के आसपास हैं। मुस्लिम बहुल क्षेत्र में दुकान बंद कराने का निर्णय अनुचित है। मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में दुकानें खोलने के आदेश जारी किए जाएं।
विज्ञापन

मांस की दुकानों पर बुलडोजर चलवाने के बयान पर खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी भी बैकफुट पर
गाजियाबाद। मांस की दुकानों पर बुलडोजर चलवाने की धमकी देने का वीडियो वायरल होने पर मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एनएन झा भी बैकफुट पर आ गए हैं। एक दिन पहले उन्होंने औचक निरीक्षण के दौरान दुकान बंद करने और ऐसा न करने पर बुलडोजर चलवाने की धमकी दी थी। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ यह वीडियो लखनऊ तक पहुंचा तो अधिकारियों को जवाब देना भारी पड़ गया। नवरात्रों के चलते मीट की अवैध दुकानों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शुक्रवार को विभाग की 6 टीमें गठित की गई थीं। इस दौरान मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एनएन झा ने छापा मारने के दौरान मांस विक्रेताओं को बुलडोजर चलाने की धमकी दी थी। मामला धार्मिक भावनाओं का आया तो लखनऊ में बैठे उच्चाधिकारियों ने जिले के अधिकारियों के पेंच कस दिए। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के सहायक आयुक्त विनीत कुमार ने बताया मांस की दुकानों पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए नगर निगम द्वारा कार्रवाई कराए जाने की बात कही गई थी। खाद्य विभाग बुलडोजर चलाने का काम नहीं करता है। अवैध दुकानों के खिलाफ विभाग की कार्रवाई जारी रहेगी। अवैध दुकानों को सील कर विधिवत कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें