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अफसरों की मिलीभगत से नलकूप को हटाकर सरकारी जमीन पर बन गया मकान

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मिलीभगत से अब नलकूप की जमीन पर बन गया मकान
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गाजियाबाद। सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले लोग सरकार के एंटी भूमाफिया अभियान को ठेंगा दिखा रहे हैं। इस्लाम नगर क्षेत्र में लोगों ने नगर निगम की ट्यूबवेल को हटाकर सरकारी जमीन पर मकान बना लिया। करीब 250 गज इस जमीन की कीमत करीब एक करोड़ से ज्यादा की है। लोगों ने इसकी शिकायत आईजीआरएस पोर्टल पर की तो निगम के जलकल और संपत्ति विभाग अलग-अलग जवाब देकर पल्ला झाड़ लिया है।
लक्ष्मी विहार निवासी कामेश्वर त्यागी ने नलकूप को उखाड़कर सरकारी जमीन पर कब्जा किए जाने की शिकायत आईजीआरएस पोर्टल पर निगम अधिकारियों से की थी। जलकल विभाग के अवर अभियंता अजय कुमार ने शिकायत का फर्जी निस्तारण दर्शा दिया। उन्होंने नलकूप की जमीन पर कब्जा होने से ही इनकार किया है, जबकि शिकायतकर्ता ने जियो टैगिंग के साथ इसके फोटो भी सुबूत के तौर पर दिए हैं। वहीं नगर निगम के सिटी जोन के अधिकारियों ने इस शिकायत पर संज्ञान तो लिया, लेकिन आचार संहिता लागू होने की वजह से फिलहाल कब्जा हटाने से ही इनकार कर दिया। उन्होंने आचार संहिता समाप्त होने के बाद कार्रवाई की बात कही है। यह हाल तब है जब हर जिले में सरकारी जमीनों को कब्जामुक्त कराने के लिए एंटी भूमाफिया अभियान चलाने के निर्देश प्रदेश सरकार ने दिए हुए हैं।
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पार्षद भी कर चुके शिकायत
कैला भट्ठा के पार्षद जाकिर सैफी का कहना है कि उनका बचपन इसी क्षेत्र में बीता है। इस्लाम नगर में करीब 20-25 साल पहले जहां सरकारी ट्यूबवेल लगाया गया था, वहां दबंगों ने नगर निगम अधिकारियों की सांठगांठ से कब्जा कर लिया है। इस जमीन पर पक्का मकान बना लिया गया है। अधिकारियों से कई बार शिकायत करने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई।
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मुख्यमंत्री से करेेंगे शिकायत
शिकायकर्ता व भाजपा नेता कामेश्वर त्यागी का कहना है कि सरकारी जमीन पर कब्जा होने की बात को नगर निगम के अधिकारी बिना जांच करे ही खारिज कर रहे हैं। इसका मतलब है कि वह कब्जा करने वालों से मिले हुए हैं। करोड़ों की जमीन कब्जामुक्त कराने के लिए मुख्यमंत्री से शिकायत करेंगे।
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