निट्रा कैंपस के सात छात्र-छात्राएं अस्पताल में भर्ती, कैंटीन की बंद
गाजियाबाद। संजयनगर सेक्टर-23 स्थित नॉदर्न इंडिया टेक्सटाइल रिसर्च एसोसिएशन (निट्रा) के तकनीकी कैंपस में बुधवार को बीटेक की ऑफलाइन प्रयोगात्मक परीक्षा शुरू होते ही सात छात्र-छात्राएं बेहोश हो गईं। संस्थान की ओर से आनन-फानन में सभी को कविनगर के सर्वोदय अस्पताल में भर्ती कराया गया। छात्रों की बीमारी की सूचना पर सीएमओ डॉ. भावतोश शंखधार अस्पताल पहुंचे। जांच टीम ने पीने के पानी व खाद्य सामग्री के नमूने लेकर रिपोर्ट आने तक कैंटीन को बंद कर दिया है।
कॉलेज हॉस्टल में करीब 150 छात्र-छात्राओं की हुई स्वास्थ्य जांच में प्रारंभिक तौर पर पीने और खाने से बीमारी की आशंका जताई गई है। उपचार के बाद तीन छात्राओं को भर्ती करने के साथ बाकी को हॉस्टल और ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित एक छात्रा को बुधवार सुबह ही परिजनों को बुलाकर घर भेज दिया गया है।
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सिर दर्द, चक्कर की शिकायत की, बेहोशी की हालत में किया भर्ती:
निट्रा में प्रैक्टिकल शुरू होने से पहले सुबह करीब 10 बजे पहले दो विद्यार्थियों ने सिर में दर्द और चक्कर आने की शिकायत की। फिर करीब पांच और छात्र-छात्राओं के ऐसी ही शिकायत करने से प्रबंधन के कान खड़े हो गए। फिर लगभग बेहोशी की स्थिति में उन्हें सर्वोदय अस्पताल में भर्ती कराया। करीब एक घंटे बाद अस्पताल में सीएमओ के पहुंचने के वक्त भी विद्यार्थी बेहोशी की हालत में थे। अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. नीरज गर्ग ने सभी छात्र-छात्राओं का ब्लड प्रेशर, ऑक्सीजन और शुगर सामान्य होने की बात कही। उन्होंने फूड प्वॉयजनिंग का मामला होने से भी इंकार किया। उन्होंने बीमारी का पता लगाने के लिए कुछ अतिरिक्त टेस्ट कराने की बात कही।
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कैंटीन संचालक का लाइसेंस किया गया निरस्त:
निट्रा कॉलेज में छात्रों के बीमार होने के बाद एक ओर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पानी की जांच के लिए नमूने लिए। दूसरी ओर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कैंटीन में पकाए गए खाने सब्जी व दाल के साथ हल्टी पाउडर, मिर्च पाउडर, गूथा गए आटे के नमूने जांच के लिए भेज दिए गए। कैंटीन की जांच में गंदगी के साथ कई प्रकार की अनियमिताएं पाए जाने पर विभाग ने कैंटीन संचालक अमनीश कैटरर्स का लाइसेंस निरस्त कर दिया है। दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग ने जांच रिपोर्ट आने तक कैंटीन को तत्काल प्रभाव से बंद करने के साथ तब तक कॉलेज प्रबंधन को विद्यार्थियों के लिए खाने का उचित प्रबंध कराने का आदेश दिए गया है।
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प्रैक्टिकल की शुरुआत के साथ बच्चे हुए बीमार, तनाव की संस्थान ने जताई संभावना:
लंबी ऑनलाइन कक्षाओं के बाद निट्रा कैंपस में 15 फरवरी से ऑफलाइन कक्षाएं और सात मार्च से प्रैक्टिकल शुरू हुए। कॉलेज में भी बीते दो तीन दिनों से लगातार छात्र-छात्राओं में घबराहत और बेहोश होने की समस्याएं सामने आ रही थीं। बीते दो दिनों ने तीन विद्यार्थियों को अस्पताल में जांच कराई गई। एक छात्रा को 24 घंटे अस्पताल में भर्ती भी कराया गया। बाद में सामान्य होने पर हॉस्टल भेज दिया गया। हॉस्टल में अधिकांश बीटेक प्रथम व द्वितीय वर्ष के छात्र हैं। कॉलेज प्रबंधन ने पेपर के तनाव होने की संभावना जताई है।
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कोट..
तनाव दूर करने के लिए छात्रों की होगी नियमित काउंसिलिंग:
1. विद्यार्थियों के बेहोश होने पर कराई गई स्वास्थ्य जांच में फूड प्वाइजनिंग के लक्षण नहीं सामने आए हैं। लंबे समय बाद ऑफलाइन पेपर शुरू होने के साथ ही ऐसी दिक्कत देखने को मिल रही है। ऐसे में सभी विद्यार्थियों की शिक्षकों व मनोचिकित्सकों से काउंसिलिंग कराई जाएगी। काउंसिलिंग का सिलसिला कुछ दिनों लगातार जारी रहेगा। हॉस्टल में भी दिए गए निर्देशों का पालन किया जाएगा। -- डॉ. अरिंदम बासु, डायरेक्टर जनरल, निट्रा तकनीकी कैंपस
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सभी बच्चों की हालत सामान्य, पेट दर्द व चक्कर की शिकायत:
2. पानी और खाने की गुणवत्ता की जांच को नमूने के सैंपल जांच को भेज दिए गए हैं। कैंटीन को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है। छात्र-छात्राओं की हुई प्रारंभिक जांच में पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत की गई है। सभी बच्चों की हालत सामान्य है। संस्थान को खाने पीने सहित सभी दिशानिर्देश दिए गए हैं। -- डॉ. आरके गुप्ता, जिला सर्विलांस अधिकारी
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