पांच साल तो कहीं दो साल से लंबित हैं प्रधानों की जांच
गाजियाबाद। ग्रामीण क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों में अनियमितता की शिकायतों के बाद जांच में किस प्रकार लीपापोती है इसका उदाहरण गाजियाबाद में देखिए। स्थानीय निवासियों द्वारा की गई शिकायतों के आधार पर किसी की जांच पांच वर्ष से लंबित है तो किसी की जांच दो साल से लंबित है। इतना ही नहीं एक गांव के विकास कार्य की जांच की फाइल इसलिए बंद कर दी गई क्योंकि वहां के प्रधान की मृत्यु हो गई।
साल 2015-16, 1016-17 में हुए विकास कार्र्यों में अनियमितता की शिकायत स्थानीय निवासियों ने की थी। इनमें से छह गांवों की जांच अभी भी लंबित है। बाकी पांच गांवों की जांच निस्तारित हो गई है जिसमें कुछ में शिकायत गलत पाई गई तो कुछ के कार्य सही कराए गए।
खौराजपुर गांव के पूर्व प्रधान सरताज अली की मृत्यु हो जाने की वजह से वहां की जांच फाइल बंद कर दी गई। इसके अलावा मुरादनगर के ग्राम जलालपुर-रघुनाथपुर में जिला स्तरीय अधिकारियों की जांच में नाली, पुलिया, पौधरोपण से लेकर डस्टबिन लगाने में भी घोटाला निकला है। डीएम ने तात्कालिक प्रधान को नोटिस जारी कर साक्ष्य सहित जवाब मांगा जिसमें प्रधान के दिए गए साक्ष्यों के अनुसार ग्राम सचिव दोषी पाया गया। जिलाधिकारी ने कार्रवाई करते हुए ग्राम सचिव का 2022-23 की वेतनवृद्धि रोकने सहित चरित्र पंजिका पर विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि अंकित की गई है। फाइनल रिपोर्ट अभी लंबित है। इसके अलावा अन्य गांवों के प्रधानों के खिलाफ विकास कार्यों में धांधली के आरोप लगे थे जिसमें कई स्थानों पर बिना कार्य कराए पंचायत निधि के लाखों के खर्च दिखा दिए गए थे जिसमें पार्क, स्कूलों का सौंदर्यीकरण, खड़ंजा आदि के निर्माण शामिल थे।
इनसेट:
बजट में हेरफेर करने की शिकायत
मुरादनगर के ही गांव खिंदौड़ा निवासी उमेश त्यागी ने विकास कार्यों के बजट में हेरफेर और कार्य ना कराने की शिकायत की थी। जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी और अधिशासी अभियंता जांच अधिकारी नामित थे। वर्ष 2018 से जांच अभी तक लंबित है।
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भोजपुर के ईशाकनगर गांव के बेगराज, शिव चरण और अन्य ने शिकायत की थी। जिला कृषि अधिकारी जांच अधिकारी नामित थे। फाइल अभी लंबित है।
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मुरादनगर के रावलीकलां गांव निवासी कुलदीप त्यागी, रोहताश त्यागी ने शिकायत की थी। इसकी जांच सहायक अभियंता लघु सिंचाई विभाग को सौंपी गई थी। जांच अभी लंबित है।
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लोनी के गांव जाफराबाद गनौली के निवासी पवन कुमार ने मानकों के अनुसार विकास कार्य ना कराने की शिकायत की थी इसकी जांच जिला कृषि अधिकारी को दी गई थी। जांच अभी लंबित
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भोजपुर गांव शिकायतकर्ता राम कुमार, रमन कुमार जांच अधिकारी सहायक निदेशक बचत लंबित
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मुरादनगर के गांव जलालपुर-रघुनाथपुर में जिसकी शिकायत गांव के निवासी नेत्रपाल और रामनिवास ने की थी। इसकी जांच समाज कल्याण अधिकारी को सौंपी गई थी। ग्राम सचिव पर कार्रवाई हुई है लेकिन अंतिम कार्रवाई अभी बाकी है। अभिलेख खंगाले जा रहे हैं।
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निस्तारित
मुरादनगर झलावा गांव के विकास कार्यों के जांच की शिकायत फारुख त्यागी और युसुफ अली ने की थी। इसका निस्तारण हो गया है।
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मुरादनगर के ग्यासपुर गांव के कार्यों की शिकायत संजय कुमार त्यागी और बालेश्वर त्यागी ने किया था। जिला पंचायती राज केसहायक अभियंता को जांच सौंपी गई थी जो निस्तारित हो गया है।
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लोनी मीरपुर हिंदू में भी निवासी रविंद्र कुमार और ब्रह्मजीत सिंह ने विकास कार्यों में अनियमितता की शिकायत की थी जिसकी जांच अपर मुख्य अधिकारी ने की थी। इसकी जांच निस्तारित कर दी गई है।
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भोजपुर औरंगाबाद गदाना में गौशाला निर्माण को लेकर शिकायत थी जिसका स्थलीय निरीक्षण किया गया। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी और सहायक अभियंता ने निरीक्षण किया जिसमें सभी जांच सही पाई गई।
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खिदौड़ा गांव की जांच संतोषजनक नहीं था जिसकी दुबारा जांच कराई जाएगी। इसके अलावा जांच अधिकारी के ट्रांसफर होने और साक्ष्य मिलने में देरी की वजह से कुछ जांच लंबित पड़े थे। अब फिर से जांच में तेजी लाई गई है।
प्रदीप कुमार द्विवेदी, जिला पंचायती राज अधिकारी