घर का सपना दिखा रेड एपल ने छीनी 1000 की नींद
गाजियाबाद। सपनों का घर देने का सपना दिखाने वाले रेड एपल समूह की धोखाधड़ी ने 1000 लोगों की नींद छिन गई है। 100 से बढ़कर 200 करोड़ पर पहुंच चुकी इस ठगी के शिकार लोग एक-एक कर फरियाद लेकर पुलिस के पास आ रहे हैं। बुधवार को चार और पहुंचे। अब तक 95 आ चुके हैं। केस भले ही अलग-अलग हैं लेकिन सबका दर्ज एक जैसा है, रकम देकर भी फ्लैट नहीं मिला, बिल्डर जेल में है और हम बैंक की किस्त चुका रहे हैं।
नए केस में बताया गया है कि रेड एपल ने लगभग 1000 लोगों के फ्लैट बुक किए थे। ये सभी लोग परेशान हैं और रिपोर्ट दर्ज कराना चाहते हैं। बैंकों के नोटिस ने उन्हें परेशान कर रखा है। इनके फ्लैट ऐसे प्रोजेक्ट में बुक किए गए जो कभी जमीन पर आए ही नहीं, सिर्फ कागजों में चले। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण और बैंकों के अधिकारियों से बिल्डर राजकुमार जैन, नमन जैन, अनुशा जैन, इंदु जैन, ऋषभ जैन, अक्षय जैन की सांठगांठ थी।
उनके कहने पर बैंक फटाफट ऋण मंजूर कर देते थे। बिल्डर का वादा था कि फ्लैट मिलने तक ऋण की किस्त रेड एपल फर्म भरेगी। इसलिए, घर का सपना पूरा करने वालों की लाइन लग गई। जिन प्रोजेक्ट के नक्शे सात मंजिल तक पास थे, जीडीए के अफसर उनमें 11 मंजिल तक के अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी कर देते थे। ऋण के लिए एनओसी जमा करानी पड़ती थी।
पीड़ितों में 90 से ज्यादा ने बैंक अफसरों पर केस दर्ज कराए हैं। इनमें चार ने बैंकों के साथ जीडीए के अफसरों को भी आरोपी बनाया है। जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) के पास बिल्डर के खिलाफ रोज ही शिकायतें आ रही हैं। पहला केस फरवरी में दर्ज हुआ था। पहली गिरफ्तारी दो मार्च को हुई थी।
वादा करके भी बिल्डर ने नहीं भरी किस्त
दिल्ली के शक्ति नगर निवासी पुनीत अरोड़ा का कहना है कि उन्होंने मंजू जे. होम्स प्रोजेक्ट में 2012 में फ्लैट बुक किया। 6.75 लाख रुपये दिए लेकिन बिल्डर ने तय समय में फ्लैट नहीं दिया। बिल्डर ने फ्लैट पर कब्जा देने तक बैंक की किस्त भरने का वादा किया था लेकिन यह फरेब निकला। वह अब खुद किस्त भर रहे हैं। ऋण दिल्ली की जनकपुरी एसबीआई शाखा से लिया था। इसी तरह बिल्डर ने दिल्ली पीतमपुरा निवासी दीपा से 14.43 लाख रुपये, दिल्ली के उत्तरी पीतमपुरी निवासी अनु गोयल से 19 लाख और दिल्ली के पीतमपुरा निवासी पूनम ने 6.37 लाख रुपये की धोखाधड़ी के केस दर्ज कराए हैं।
20 मामलों में आरोप पत्र
सीओ क्राइम अंशु जैन ने बताया कि 20 मामलों में आरोप पत्र दाखिल किए जा चुके हैं। जल्द ही और मामलों में भी कर दिए जाएंगे। नई शिकायतें जांच में शामिल कर ली गई हैं।
23 आरोपी, नौ गिरफ्तार
200 करोड़ की धोखाधड़ी में अब तक 23 आरोपियों के नाम सामने आ चुके हैं। इनमें बिल्डर राजकुमार जैन और उसके परिवार के नौ लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। सभी जेल में है।
बैंक और जीडीए अफसर घेरे में
एसआईटी की जांच का फोकस अब बैंक और जीडीए अफसरों के खिलाफ साक्ष्य जुटाने पर है। इलाहाबाद, पीएनबी और एसबीआई के अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज कराए गए हैं।