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टीवी एंकर पहुंचे सुप्रीम कोर्ट मायूस लौटी छत्तीसगढ़ पुलिस

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टीवी एंकर पहुंचे सुप्रीम कोर्ट मायूस लौटी छत्तीसगढ़ पुलिस
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इंदिरापुरम/गाजियाबाद। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं सांसद राहुल गांधी के बयान को गलत ढंग से पेश किए जाने के मामले में टीवी एंकर रोहित रंजन की गिरफ्तारी के लिए आई छत्तीसगढ़ पुलिस लगातार दूसरे दिन बुधवार को बैरंग लौटी। इंदिरापुरम में निहो स्काटिस सोसायटी में एंकर के फ्लैट पर पहुंची पुलिस को ताला लटका मिला। पता चला कि रोहित ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका कर दायर की है। 15 मिनट तक लोगों से पूछताछ करने के बाद पुलिस एसएसपी दफ्तर चली गई। यहां इंदिरापुरम थाने की पुलिस की शिकायत की। आरोप लगाया कि इंदिरापुरम पुलिस ने मंगलवार को रोहित की गिरफ्तारी में सहयोग नहीं किया। उसे थाने ले जाने की बात कहकर कहीं और ले गई।
रायपुर के एसपी सिटी उदयन बेहार ने एसएसपी दफ्तर में एसपी अपराध डॉ. दीक्षा शर्मा को शिकायती पत्र सौंपा। उन्होंने कहा कि इंदिरापुरम पुलिस ने उनके वारंटी को गिरफ्तार नहीं करने दिया। उसे इंदिरापुरम थाने ले जाने की बात कहकर कहीं ओर ले गई। इसके लिए पुलिस पर कार्रवाई होनी चाहिए। उदयन बेहार ने बताया कि तीन जुलाई को विधायक देवेंद्र यादव ने रायपुर के सिविल लाइन थाने में रोहित रंजन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रोहित के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुए हैं। उन्होंने इंदिरापुरम पुलिस को अपने आई कार्ड और रोहित रंजन की गिरफ्तारी का वारंट भी दिखाया, लेकिन कोई सहयोग नहीं किया। डॉ. दीक्षा शर्मा ने छत्तीसगढ़ पुलिस से शिकायती पत्र लेकर एसपी द्वितीय को जांच के लिए भेजने का आश्वासन दिया।
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जालसाजी समेत नौ धाराओं में केस
रायपुर पुलिस ने रोहित के खिलाफ जालसाजी समेत नौ धाराओं में केस दर्ज किया है। यह केस तीन जुलाई को सिविल लाइन थाने में दर्ज किया गया। कोर्ट ने इसमें गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। गाजियाबाद पुलिस से मांग की है कि रोहित को उनके हवाले किया जाए।
अपनी वर्दी में आए पुलिसवाले इंदिरापुरम थाने को दी सूचना
इंदिरापुरम। रोहित की तलाश में दूसरे दिन आए छत्तीसगढ़ के पुलिसवाले अपनी वर्दी में थे। उन्होंने सोसायटी में आने से पहले इंदिरापुरम थाने की पुलिस को सूचना भी थी। इस बार उनका रवैया भी बदला हुआ था। सोसायटी में प्रवेश से पहले गेट पर जानकारी दी। मंगलवार को पुलिस वाले सादे कपड़ों में थे और सूचना दिए बगैर आए थे। सोसायटी में प्रवेश के बाद गार्डों से उलझ गए थे। गार्डों ने पुलिस के खिलाफ बंधक बनाने की शिकायत की है। लोगों ने बताया कि 24 घंटे के भीतर ही पुलिस का रवैया भी बदल गया। पहले दिन किसी से कुछ जानकारी किए बगैर सीधे रोहित के फ्लैट पर पहुंचे थे। दूसरे दिन आसपास के लोगों से बड़े प्यार से पूछा कि किसी को रोहित के बारे में जानकारी है तो बता दे, उसका नाम गोपनीय रखा जाएगा। गार्डों ने पुलिस टीम से आने की वजह जानी और उनके बारे में जानकारी ली। पुलिस ने हर सवाल का जवाब दिया। इसकी वजह यह मानी जा रही है कि मंगलवार को इंदिरापुरम थाने की पुलिस को सूचना न देना ही छत्तीसगढ़ पुलिस को भारी पड़ा था। गाजियाबाद पुलिस ने इसी पर सवाल किया। इसी से नोएडा पुलिस को रोहित को अपने साथ ले जान का मौका मिला। छत्तीसगढ़ और नोएडा पुलिस में खींचतान हुई थी। दोनों राज्यों की रोहित को अपने साथ ले जानी चाहती थी। बाद में नोएडा पुलिस से गई थी और थाने से जमानत दे दी थी।
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सोसायटी की सुरक्षा बढ़ी, जांच के बाद ही प्रवेश
इंदिरापुरम। रोहित की गिरफ्तारी पर दो राज्यों की पुलिस में हुए हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद निहो स्काटिस सोसायटी के आरडब्ल्यूए पदाधिकारी भी सतर्क हो गए हैं। बुधवार को सुरक्षा गार्डों ने बाहरी लोगों को प्रवेश से पहले गहनता से जांच पड़ताल की, जो भी सोसायटी के लोगों का सही नाम और पता या जानकारी नहीं बता सका उसे प्रवेश नहीं दिया गया। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष नरेश छोकर ने बताया कि मेन गेट पर तैनात सुरक्षा गार्डों की संख्या बढ़ा दी है। किसी भी बाहरी व्यक्ति को बिना जांच के प्रवेश नहीं दिया गया।
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