डिलीवरी ब्वॉय ने ही कलेक्शन एजेंट से कराई थी 15 लाख की लूट
गाजियाबाद। ग्रोफर स्टोर पर डिलीवरी ब्वॉय ने ही एक ही बार में बड़ी कमाई का झांसा देकर राइटर सेफ गार्ड कंपनी के कलेक्शन एजेंट से 15 लाख की लूट की योजना बनाई थी। पुलिस ने लूट करने वाले तीनों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। कुख्यात अपराधी जग्गू पहलवान का बेटा कशिश भी लूट में शामिल था। पुलिस ने 12 लाख चार हजार 320 रुपये भी बरामद किए हैं। मुख्य आरोपी डिलीवरी ब्वॉय अभी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।
एसएसपी मुनिराज जी. ने बताया कि लूट में शामिल सचिन पुत्र रविंद्र की मई महीने में मुख्य आरोपी से मुलाकात हुई थी। वह पहले से सचिन को जानता था। सचिन ने उससे नौकरी दिलाने की बात कही, जिस पर उसने एक ही बार में बड़ी कमाई करने का झांसा देते हुए कलेक्शन एजेंट वीर बहादुर से लूट करने के लिए उकसाया। उसने एजेंट का हुलिया समेत कैश व अन्य सभी जानकारियां सचिन को दे दीं। सचिन ने लूट करने की मंशा से अपने जानने वाले रितिक पुत्र महेंद्र और कशिश को शामिल कर लूट की योजना बनाई। छह जून को सचिन व रितिक ने एजेंट की रेकी की। 13 जून को सचिन, रितिक व कशिश लोनी से आए। डिलीवरी ब्वॉय ने मेसेज कर कलेक्शन एजेंट की लोकेशन और कैश से संबंधित जानकारी दे दी। नीतिखंड में दुकान से कलेक्शन करने के बाद तीनों लूट के लिए हरकत में आ गए। एजेंट के थोड़ी दूर जाने पर डंडे से वार कर रुपयों से भरा बैग लेकर फरार हो गए।
लूट के बाद तीनों नोएडा गए। यहां से अलग-अलग होकर ऋषिकेश पहुंचे। यहां से 19 जून को तीनों सेंट्रो कार से गाजियाबाद के लिए निकले। मुखबिर की सूचना छिजारसी कट के पास चेकिंग के दौरान तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। तीनों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त बाइक और डंडे को भी बरामद कर लिया गया।
कशिश दो बार जा चुका है जेल
कशिश के पेशेवर अपराधी है। वह पहले भी लूट, हत्या का प्रयास और आर्म्स एक्ट में दो बार जेल चुका है। दो महीने पहले जेल से छूटकर आया था। कशिश का पिता जग्गू पहलवान का भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। वह भी लूट और हत्या के प्रयास में 2021 में जेल से बाहर आया है। सचिन पर दो और रितिक पर एक मामला दर्ज है। सचिन आर्मी भर्ती की तैयारी कर रहा था। आर्थिक परिस्थितियां सही न होने से वह डिलीवरी ब्वॉय के पास नौकर मांगने गया था लेकिन उसने नौकरी दिलाने के बजाय लूट के काम में लगा दिया। वहीं, रितिक पढ़ाई कर रहा था।