फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लोन कराने के नाम पर चेक लेकर बैंक खाते से निकालते थे रुपये

विज्ञापन
विज्ञापन
लोन कराने के नाम पर चेक लेकर बैंक खाते से निकालते थे रुपये
विज्ञापन

गाजियाबाद। लोन और बीमा कराने के नाम पर चेक लेकर उस पर मैजिक पेन से हस्ताक्षर कराकर सैंकड़ों लोगों से 50 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का साइबर सेल ने पर्दाफाश किया है। आरोपी लोगों को एक बीमा कंपनी का वीजिटिंग कार्ड देकर लोन व पॉलिसी का लाभ बताकर विश्वास में लेकर लोन व पॉलिसी कराने में लगने वाले दस्तावेज व प्रोसेसिंग फीस केे नाम पर चेक लेते थे। बाद में चेक पर फर्जीवाड़ा करके बैंक में फर्जी आधार कार्ड की कॉपी लगाकर लोगों के खाते से रुपये निकाल लेते हैं।
एसपी क्राइम दीक्षा शर्मा ने बताया कि पकड़े गए आरोपी बागपत के रमाला निवासी सुनील शर्मा और प्रयागराज निवासी रजनीकांत शुक्ला हैं। सुनील शर्मा 2019 में पहले भी ऐसे ही मामले में मेरठ से जेल जा चुका है। सुनील शर्मा ही इसका मास्टरमाइंड है। सुनील एलएलबी कर चुका है जबकि रजनीकांत बीए पास है। दोनों आरोपियों के पास से 10 मोबाइल फोन, 32 चेक, 9 फर्जी आधार कार्ड, 3 मैजिक पैन, 1 लैपटॉप, कार और स्कूटी बरामद हुए हैं।
विज्ञापन

आरोपी एक कंपनी में कर चुके हैं काम
पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी करीब दस साल पहले दिल्ली की एक निजी बीमा कंपनी में काम करते थे। जहां दोनों की मुलाकात हुई लेकिन सुनील ने नौकरी छोड़ दी थी और रजनीकांत अभी भी एक कंपनी में नौकरी कर रहा था। दोनों ने वहीं से बीमा व लोन करने के तरीके और अन्य जानकारी ली थी। ज्यादा रुपये कमाने के चक्कर में दोनों ने ठगी करने का काम शुरू कर दिया।
लोन के हिसाब से खाते में डलवाते थे रुपये
आरोपी लोन करने के लिए लोगों को विश्वास में लेते थे। इसके बाद लोगों से लोन व पॉलिसी में लगने वाले दस्तावेज व प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 100 से 250 रुपये तक का चेक लेते थे। चेक पर अपने मैजिक पैन से जानकरी भरवाते थे और हस्ताक्षर कराते थे। साथ ही जितने का लोन कराने की बात होती उतनी रकम कुछ दिन के लिए खाते में रखने के लिए कहते थे। बाद में आरोपी रकम वाली जगह की स्याही मिटाकर वहां खाते में जमा रकम भर बैंक से निकाल लेते थे।
विश्वास में लेकर कराते थे फोन बंद
साइबर सेल प्रभारी सुमित कुमार ने बताया कि आरोपी अलग-अलग नंबर से फोन करके लोन की प्रक्रिया चलने की बात कहकर कुछ देर के लिए मोबाइल फोन बंद करने की बात कहते थे। इसके बाद बैंक में चेक के साथ फर्जी आधार कार्ड लगाकर उनके खाते से रुपये निकाल लेते थे।
विज्ञापन

किसी दूसरे का पेन न करें इस्तेमाल
एसपी क्रइम डॉ. दीक्षा शर्मा ने लोगों से अपील की है कि कोई भी व्यक्ति बैंक और अन्य जरूरी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने या अन्य जानकारी भरने के लिए किसी दूसरे से पेन लेकर ना भरें। सावधानी बरते हुए ऐसी धोखाधड़ी के जाल में फंसने से बचें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें