एसपी क्राइम दीक्षा शर्मा ने बताया कि पूर्व में 32 ट्रकों के साथ एक गैंग को गिरफ्तार किया था। इसमें चंद्रमोहन उर्फ भोला का नाम भी सामने आया था जो वांछित चल रहा था। टीम ने कार्रवाई करते हुए पिता-पुत्र को भी पकड़ लिया। पूछताछ में चंद्रमोहन ने बताया कि परिवहन संभागीय परिवहन विभाग पटियाला, लुधियाना, भटिंडा के साथ कोहिमा नगालैंड के क्लर्क, व्हीकल इंस्पेक्टर से लेकर अन्य अधिकारियों से सांठगांठ है। इनकी मदद से वह चोरी के वाहनों पर फर्जी इंजन और चेसिस नंबर डालकर उनके कागज तैयार करवाते हैं।
वाहन की चोरी दिखाकर लेते थे बीमे का पैसा
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी वाहनों की चोरी दिखाकर उनके बीमे का क्लेम ले लेते हैं और इसके बाद उन्हीं वाहनों के नंबर बदलकर नए कागज तैयार कराकर फिर से सड़क पर चलाते थे। आरोपी कागज बनवाने के लिए 30 से 40 हजार रुपये लेते थे। अभी करीब 200 वाहनों के फर्जी कागज तैयार करवा चुके हैं। एसपी क्राइम ने बताया कि इस फर्जीवाड़े में जिन आरटीओ की मिलीभगत सामने आई हैं उन्हें पत्र लिखकर जवाब मांगा जाएगा और कार्रवाई की जाएगी।
10वीं पास है चंद्रमोहन
पूछताछ में चंद्रमोहन ने बताया कि वह 10वीं पास है। 15 साल से वह फर्जीवाड़ा करने का काम कर रहा है। शुरुआत में वह हरियाणा के जींद संभागीय परिवहन विभाग के बाहर दलाल बनकर लोगों के काम करवाता था। इससे उसके अधिकारियों से अच्छे संबंध हो गए। दलाली में ज्यादा कमाई नहीं हो पाने की कारण उसने फर्जीवाड़ा कर अवैध काम करवाना शुरू कर दिया।