फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

10 लाख न देने पर मार डाला: ताऊ, ताई और दो भाइयों के हत्यारे को फांसी, कोर्ट ने 80 हजार का अर्थदंड भी लगाया

Tue, 12 Mar 2024 09:38 PM IST
Vikas Kumar माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद

सार

न्यायाधीश पवन कुमार शर्मा ने दोषी अयूब पर 80 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। दोषी को सजा दिलाने में चश्मदीद व अजहरुद्दीन की पत्नी अफसाना के बयान, घटना स्थल पर मिले दोषी के शर्ट की बटन और सीसीटीवी फुटेज अहम रहे।
 
विज्ञापन
कातिल आयूब - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गाजियाबाद के लोनी में ढाई वर्ष पहले कपड़ा कारोबारी रहीसुद्दीन (ताऊ), फातिमा (ताई), उनके बेटे अज्जू उर्फ अजहरुद्दीन और इमरान के हत्यारे अयूब को अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने फांसी की सजा सुनाई है। न्यायाधीश पवन कुमार शर्मा ने दोषी अयूब पर 80 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। दोषी को सजा दिलाने में चश्मदीद व अजहरुद्दीन की पत्नी अफसाना के बयान, घटना स्थल पर मिले दोषी के शर्ट की बटन और सीसीटीवी फुटेज अहम रहे।

विज्ञापन

सात मार्च को कोर्ट ने कारोबारी और उसके परिवार की हत्या करने के मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए अयूब को दोषी करार दिया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान पुलिस ने 61 साक्ष्य और 15 गवाह पेश किए गए थे। वहीं, बचाव पक्ष का तर्क था कि मृतक पर पांच लाख रुपये का बकाया था, इसलिए फंसाया गया है। जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश चंद्र शर्मा और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आदेश त्यागी ने बताया कि लोनी थाना क्षेत्र के टोली मोहल्ले में रहने वाला रहीसुद्दीन के छोटे भाई के पुत्र अयूब ने रहीसुद्दीन से 10 लाख रुपये उधार मांगे थे।
विज्ञापन

रहीसुद्दीन ने उधार देने से इन्कार कर दिया था। इस बात को लेकर रहीसुद्दीन और उसके परिवार से अयूब रंजिश मानने लगा था। 28 जून 2021 को अयूब रहीसुद्दीन के घर पहुंचा और खाना खाने के बाद रात में वहीं सो गया। रात करीब ढाई से तीन बजे के बीच अयूब ने रहीसुद्दीन, फातिमा, उनके बेटे अज्जू उर्फ अजहरुद्दीन और इमरान की गोली मारकर हत्या कर दी थी। 29 जून 2021 को रहीसुद्दीन के घर से अलग रह रहे तीसरे बेटे अलीमुद्दीन ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने 27 सितंबर 2021 को अदालत में अयूब के खिलाफ आरोप पत्र पेश कर दिया था। मामले की अंतिम सुनवाई सात मार्च को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में हुई थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें