पीड़िता ने बताया कि सहमति होने पर साइबर ठग ने किसी महिला से पीड़िता को फोन कॉल कराकर कस्टम विभाग द्वारा पकड़ने की बात कहकर ठगी करनी शुरू कर दी। साइबर सेल प्रभारी सुमित कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
एंटी टेररिस्ट विंग का सर्टिफिकेट लेने के बाद छोड़ने की बात कही
ठग ने कस्टम विभाग का अधिकारी बनकर पीड़िता को कॉल करके उसके दोस्त को पकड़ने की बात कही। दोस्त को छोड़ने के लिए नेशनल एंटी टेररिस्ट विंग का प्रमाण पत्र लेने को कहा। इस प्रमाण पत्र को लेने के नाम पर ठग ने पीड़िता से ठगी की। पीड़िता से 13 बार में 35 लाख रुपये ले लिए। इसके बाद भी लगातार रुपये मांगे गए तो युवती को ठगी का अहसास हुआ।