लोनी, इलाइचीपुर अमन गार्डन कॉलोनी में तीनों बच्चों को जहर देकर खुद जहर खाने की घटना में महिला मोनिका और बेटे अंश की मौत के बाद रविवार को दोनों बेटियों साक्षी और मनाली की उपचार के दौरान मौत हो गई। मौत से पहले साक्षी ने बताया कि मम्मी ने दवा बताकर काली गोली दी थी। उधर प्रशासनिक अधिकारी ने घटना स्थल का निरीक्षण कर परिवार को 25 हजार की आर्थिक मदद की।
मौत कुछ देर पहले छह साल की साक्षी ने पुलिस को यह बताया कि उसने मम्मी (मोनिका) से पूछा था कि गोली कैसी है, तो मां बोली दवा है खा लो। इतना कहने पर साक्षी (6) और मनाली (11) ने गोली खा ली।
वहीं अंश को गोली मां ने खुद खिलाई। इसके बाद मां ने भी वहीं गोली खा ली थी। लोनी सीओ रजनीश कुमार उपाध्याय ने बताया कि पोस्टमार्टम में पता नहीं चला है कि काली गोली क्या थी। इसकी पुष्टि के लिए बिसरा सुरक्षित कर जांच के लिए भेजा जा रहा है।
दो दिन पहले बच्चों के लिए लाई थी होली के कपड़े : सास रतन देवी ने बताया कि उनकी बहू मोनिका होली के लिए अपनी दोनों बेटियों साक्षी और मनाली के लिए कपड़े लाई थी। अंश के लिए उसे रविवार को कपड़े लाने थे।