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Ghaziabad News: जमीन के एग्रीमेंट में फर्जीवाड़ा, किसान को सह-प्रमोटर बनाने का आरोप

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गाजियाबाद। क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र के डुंडाहेड़ा गांव की जमीन का सौदा करने के बाद बिल्डर कंपनी पर फर्जी दस्तावेजों के जरिये किसान को प्रोजेक्ट में सह-प्रमोटर दिखाने का आरोप लगा है। विजय नगर सेक्टर-9 निवासी अशोक कुमार की तहरीर पर पुलिस ने ट्राइसोल रेड डेवलपर एलएलपी (नोएडा) और उसके अधिकृत पदाधिकारी पवन कुमार शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और धमकी की धाराओं में कोर्ट के आदेश पर रविवार को प्राथमिकी दर्ज की है।



एसीपी वेव सिटी प्रियाश्री पाल ने बताया कि पीड़ित अशोक कुमार के मुताबिक वह और उनके परिवार व पड़ोस के 10 अन्य सह-खातेदारों की डुंडाहेड़ा (परगना लोनी) में जमीन है। इस जमीन का 5 जनवरी 2024 को कंपनी के साथ ''''एग्रीमेंट टू सेल'''' हुआ था, जो 24 माह के लिए वैध था। आरोप है कि एग्रीमेंट में सिर्फ पूरा भुगतान होने पर रजिस्ट्री का जिक्र था। उसमें उन्हें किसी परियोजना में सह-प्रमोटर बनाने या कोई जिम्मेदारी या भार देने की बात नहीं थी। बताया कि आरोपियों ने इसी जमीन पर गाजियाबाद विकास प्राधिकरण से ''''टीआरजी द मॉल'''' नाम की परियोजना पास करा ली। इसके बाद उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) की वेबसाइट और रिकॉर्ड में उन्हें फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर सह-प्रमोटer दर्शा दिया गया।
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आरोप है कि रेरा रिकॉर्ड में उनके नाम के साथ जो मोबाइल फोन नंबर और ई-मेल आईडी दर्शाई गई है, वह उनकी नहीं है। उन्होंने इसके लिए कभी सहमति नहीं दी और न ही किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए। शिकायत पर गाली-गलौज और धमकी अशोक का आरोप है कि जब उन्होंने पवन कुमार शर्मा से इसकी शिकायत की, तो वह गाली-गलौज करने लगा। उसने कहा कि अब मैंने तुम्हें फंसा लिया है, जहां कहूं चुपचाप हस्ताक्षर कर देना, वरना बुरा अंजाम होगा। मना करने पर उन्हें डराया-धमकाया गया और जान से मारने की धमकी भी दी गई। उन्होंने आशंका जताई कि भविष्य में प्रोजेक्ट से जुड़े किसी भी विवाद या दायित्व का भार उन पर डाला जा सकता है। थाने और पुलिस आयुक्त को भी दी थी शिकायत पीड़ित का कहना है कि उन्होंने पहले थाने जाकर शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद 1 अप्रैल 2026 को पुलिस आयुक्त को डाक से शिकायत भेजी, फिर भी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने अधिवक्ता के माध्यम से 3 जून 2026 को कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। कोर्ट के आदेश पर क्रॉसिंग रिपब्लिक थाने में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में केस दर्ज हुआ। एसीपी ने बताया कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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