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गाजियाबाद: सिंगापुर में नौकरी दिलाने के नाम पर युवक से ठगे 80 हजार, केस दर्ज

Thu, 07 Oct 2021 11:04 PM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद

सार

ईमेल आईडी पर नौकरी का मेल भेजकर ठग गैंग ने देशभर के लोगों को ठगा है। मंत्रालय व दूतावास में दस्तावेजों की पड़ताल करने के दौरान इस बात का पता चला।
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ठगी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विदेश में अच्छे पैकेज पर नौकरी का झांसा देकर ठगने वाला गैंग सक्रिय है। आवेदन से लेकर वीजा कंफर्मेशन तक की सारी प्रक्रिया होगी, लेकिन सब फर्जी है। देशभर के लोगों को ठगने वाले इस गैंग ने गाजियाबाद के गुलधर निवासी पवन कुमार से भी 80 हजार रुपये ठग लिए। ठगी का पता लगने पर पीड़ित ने मधुबन बापूधाम थाने में केस दर्ज कराया है।
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शाइन डॉट कॉम के नाम से आया था मेल
मूलरूप से कानपुर निवासी पवन कुमार संजय नगर सेक्टर-23 के गुलधर सेकेंड में रहकर प्राइवेट जॉब करते हैं। उन्होंने बताया कि अक्तूबर 2020 में उन्हें शाइन डॉट कॉम कंपनी की तरफ से मेल आया। उसमें सिंगापुर की कांटिनेंटल ऑटोमेटिव इंडस्ट्रीज प्रा.लि. कंपनी में ऑपरेशन हेड की भर्ती का जिक्र था। उन्होंने भर्ती के लिए आवेदन कर दिया।

दो दिन बाद ऑन कॉल हुआ इंटरव्यू
आवेदन करने के दो दिन बाद उनके पास एक कॉल आई। कॉलर ने खुद को आईआरएस कंसलटेंसी एजेंसी से अमित रावत बताया। उसने कहा कि उनका रिज्यूम चयनित कर लिया गया है। दो दिन बाद सिंगापुर से उनका ऑन कॉल इंटरव्यू होगा। अमित रावत ने कांफ्रेंस के जरिये उनकी किसी विदेशी से बात कराई, जिसने अंग्रेजी में उनका इंटरव्यू लिया। कुछ दिन बाद विदेशियों ने इसी तरह से दोबारा इंटरव्यू लिया।
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इस तरह चला ठगी का खेल
इंटरव्यू के बाद चयन होने की बात बताई गई और सिलेक्शन फीस के नाम पर साढ़े 7 हजार रुपये पेटीएम कराए गए। इसके बाद वेरिफिकेशन के नाम पर 8 हजार रुपये पेटीएम में ट्रांसफर कराए। इसके बाद फिर ऑफर लेटर भेजकर वीजा वेरिफिकेशन के नाम पर 25 हजार रुपये लिए गए। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के नाम पर 25 हजार रुपये खाते में डलवाए गए।

शक होने पर रकम वापस मांगी तो बंद हो गया मोबाइल
पवन कुमार का कहना है कि 80 हजार रुपये देने के बाद उनसे फ्लाइट के टिकट के आधे पैसे के नाम पर 25 हजार रुपये मांगे तो उन्हें शक हुआ। उन्होंने और पैसे देने में असमर्थता जताते हुए रकम वापस मांगी तो कॉल कट गई। इसके बाद अमित रावत का मोबाइल बंद हो गया, जो अब तक बंद आ रहा है। पवन कुमार का कहना है कि झांसे में लेने के लिए उन्हें पहले ऑफर लेटर भेजा गया। इसके बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, सिंगापुर और भारत सरकार के दस्तावेज भेजे गए। इनमें भारत की मिनिस्ट्री ऑफ कार्पोरेट अफेयर्स की वेरिफिकेशन का दस्तावेज भी शामिल है। दस्तावेजों की जांच कराई गई तो सब फर्जी निकले।
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देशभर के लोगों से ठगी
ईमेल आईडी पर नौकरी का मेल भेजकर ठग गैंग ने देशभर के लोगों को ठगा है। मंत्रालय व दूतावास में दस्तावेजों की पड़ताल करने के दौरान इस बात का पता चला। पीड़ित पवन कुमार का कहना है कि आईआरएस कंसलटेंसी एजेंसी भुवनेश्वर में है और वहीं से ठगी का धंधा चल रहा है।

एक सप्ताह पहले दूसरी कंपनी का मेल आया, तरीका वही
पवन कुमार का कहना है कि एक सप्ताह पहले उनके पास डेल्टा कंपनी की तरफ से कॉल आई। उसमें जापान में नौकरी का हवाला दिया गया। उसमें भी इंटरव्यू की प्रक्रिया बताई गई थी, जो पूर्व में हुई थी। उन्होंने दिए गए नंबर पर कई बार कॉल की, लेकिन रिसीव नहीं हुई। पवन कुमार का कहना है कि इससे जाहिर है कि यह मेल भी उन लोगों ने ही भेजी है, जिन्होंने उनके साथ ठगी की।

विदेश में नौकरी के नाम पर ठगी का मामला सामने आने पर मधुबन बापूधाम थाने में केस दर्ज किया गया है। मोबाइल नंबर, खाता संख्या और यूपीआई आईडी के जरिये गैंग तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
- निपुण अग्रवाल, एसपी सिटी
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