गाजियाबाद के नंदग्राम में शराब पीने के दौरान हुए विवाद में तीन दोस्तों ने हरवंशनगर निवासी सचिन उर्फ सुदामा (25) की हत्या कर दी। दोस्तों ने पहले सचिन की गर्दन पेचकस से गोदी और फिर जैकेट की डोरी से गला घोटकर मार डाला।
सुबूत मिटाने के लिए शव को भी जला दिया। घटना 22 नवंबर की रात हुई थी तभी से तीनों दोस्तों के लापता होने पर परिजनों को शक हो गया। शनिवार को पुलिस ने दोस्तों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने वारदात कबूल कर ली, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। घटनास्थल से पुलिस को मृतक की हड्डियां मिली हैं।
मेरठ रोड स्थित हरवंश नगर निवासी सचिन उर्फ सुदामा एक पैर से दिव्यांग था। मेटल फैक्टरी में काम करने वाला सचिन तीन भाइयों सोनू, संदीप और विशाल के साथ रहता था। पुलिस के मुताबिक, 22 नवंबर की रात पड़ोस में रहने वाले सचिन के दोस्त रवि उर्फ गंजा, विवेक राघव और सौरभ उसे घर से बुलाकर ले गए थे।
रातभर सचिन के न लौटने पर भाई संदीप ने नंदग्राम थाने में सचिन की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। वहीं, परिजनों ने बताया कि घटना के बाद से सचिन केतीनों दोस्त भी लापता हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुट गई। शनिवार को पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वह सचिन की हत्या की बात कबूलते हुए घटनास्थल पर ले गए।
एक दिन पहले हुआ था झगड़़ा
21 नवंबर की रात को सचिन और उसके तीनों दोस्त हरवंशनगर में शराब पी रहे थे। सचिन ने अपने गिलास में ज्यादा शराब का पैग डाल लिया था। इसी बात को लेकर विवाद हो गया। मैं दिव्यांग हूं तो क्या हुआ, अकेला ही तीनों को देख लूंगा...यह कहकर सचिन घर चला गया। इसी बात से तैश में आकर तीनों दोस्तों ने उसकी हत्या का मन बना लिया। 22 नवंबर की रात 10 बजे तीनों दोस्त उसे घर से बुलाकर ले आए।
जैकेट की डोरी से घोटा गला, उपलों में जला दिया शव
तीनों दोस्त सचिन को हरवंशनगर स्थित गड्ढों में ले गए। वहां शराब पीने के बाद दोस्तों ने पेचकस निकालकर सचिन की गर्दन पर वार कर दिए। इसके बाद भी उसकी सांस चलती देख आरोपियों ने जैकेट की डोरी से गला घोटकर उसकी हत्या कर दी। गड्ढों में उपले रखे हुए थे। रात करीब ढाई बजे उपलों के ढेर में सचिन का शव जला दिया। शव राख होने के बाद आरोपी मौके से चले गए।
सोनू न देखता तो दफन हो जाता हत्या का राज
जिस वक्त तीनों दोस्त सचिन को घर बुलाने आए थे, उस वक्त उसका भाई सोनू खाना खा रहा था। सचिन जब गेट की तरफ चला तो उसने बाहर खड़े उसके तीनों दोस्तों को देख लिया था। गुमशुदगी दर्ज होने के बाद सोनू ने ही तीनों दोस्तों की रेकी की। उनके गायब होने पर सोनू ने ही पुलिस के पास जाकर उन पर शक जाहिर किया था। सोनू तीनों दोस्तों को न देखता तो सचिन की हत्या का राज दफन हो जाता।
डीएनए टेस्ट को जाएंगी हड्डियां : एसपी
एसपी सिटी निपुण अग्रवाल ने बताया कि घटनास्थल से शराब की बोतल और गिलास मिले हैं। साथ ही राख के ढेर में सचिन की हड्डियां मिली हैं। आरोपियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य बनाने के लिए हड्डियों को डीएनए टेस्ट के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा। इसके लिए सचिन के भाई का ब्लड सैंपल भी भेजा जाएगा।