मसूरी के गांव नूरपुर निवासी धर्मेंद्र कुमार ने आसपा (आजाद समाज पार्टी) प्रमुख चंद्रशेखर रावण पर अपने साथियों को भेजकर हत्या की धमकी दिलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने बुधवार को मसूरी थाने में तहरीर देकर चंद्रशेखर व धमकी देने वालों पर कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने तीन साल पहले चंद्रशेखर समेत तीन लोगों पर साहिबाबाद थाने में केस दर्ज कराया था। उसे वापस न लेने पर उन्हें धमकी दिलाई गई है। धमकी देने आए लोग उनकी जेब में रखे दो हजार रुपये भी लूट ले गए।
धर्मेंद्र कुमार का कहना है कि वह 15 नवंबर 2018 को अपने साथियों के साथ साहिबाबाद स्थित वृंदा गार्डन में सगाई समारोह में गए थे। वहां भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर अपने साथी गुलजार सिद्दीकी और पंकज जाटव के साथ आए हुए थे। उनसे किसी बात को लेकर उनकी कहासुनी हो गई, जिसके बाद तीनों ने अन्य अज्ञात लोगों को साथ लेकर उनके साथ मारपीट की थी। इस संबंध में उन्होंने 16 नवंबर 2018 को साहिबाबाद थाने में भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर, पंकज जाटव, गुलजार सिद्दीकी समेत 15 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया था। तीनों आरोपियों ने कोर्ट से जमानत करा ली थी। तभी से मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
कॉल करके बुलाया फिर तमंचा दिखाकर धमकी दी
धर्मेंद्र कुमार का कहना है कि बुधवार सुबह करीब सवा नौ बजे उनके मोबाइल पर अनजान नंबर से कॉल आई। कॉलर ने उन्हें गांव के ही शिवकुमार की दुकान पर बुलाया। वहां बाइक सवार तीन लोग खड़े मिले, जिन्होंने गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद हमलावरों ने तमंचा दिखाते हुए कहा कि उन्हें चंद्रशेखर ने भेजा है। चुपचाप केस वापस ले ले, नहीं तो उसे व उसके परिवार को खत्म कर दिया जाएगा। शोर-शराबा होने पर गांव के लोग आ गए, जिसके बाद हमलावर धमकी देते हुए फरार हो गए। जाते वक्त आरोपी उनसे दो हजार रुपये भी लूटकर ले गए। धर्मेंद्र कुमार का कहना है कि पूर्व में भी उन्हें धमकी मिल चुकी हैं।
एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा ने कहा कि मसूरी थाने पर तहरीर प्राप्त हुई है। घटना के संबंध में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। जिस नंबर से कॉल आई, उसकी लोकेशन खंगाली जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।