इंदिरापुरम निवासी प्रगति वर्मा ने बताया कि 24 अगस्त को उनके मोबाइल पर वाटसएप कॉल आई। आरोपी ने कहा कि उनके आधार से जुड़े नंबर से सात करोड़ की ठगी हुई है। फिर वीडियो कॉल आई, जिसमें एक शख्स पुलिस अधिकारी की वर्दी में दिख रहा था। वह कुछ सोचतीं इससे पहले ही आरोपियों ने कहा कि उनको जेल जाना पड़ेगा। मामला निपटने वाला नहीं है। बातों में उलझाकर उन्होंने उनके खाते की पूरी जानकारी ले ली। कहा कि वह पूरे मामले को सुप्रीम कोर्ट भेज रहे हैं, लेकिन इसके लिए उनको अपने खाते में जमा पूरी रकम को ट्रांसफर करना पड़ेगा।
ठगों ने कहा कि जिन लोगों ने आपके नंबर का इस्तेमाल करके ठगी की है, वह बड़े गैंगस्टर हैं, यदि उन्होंने रकम ट्रांसफर करने या इस प्रकरण के बारे में किसी को कुछ बताया कि वह उनके परिवार को खत्म कर देंगे। जांच के बाद यदि सही मामला पाया जाएगा तो रकम वापस हो जाएगी। उसकी बातों को सच मानकर उन्होंने बैंक जाकर अपनी चार एफडी तुड़वा दीं और रकम को दिए गए खाते में ट्रांसफर कर दिया। रकम ट्रांसफर होने के बाद आरोपियों ने संपर्क तोड़ दिया। मामले में उन्होंने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। इस बारे में एडीसीपी क्राइम सच्चिदानंद ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है।