शहीद नगर के डी ब्लॉक में रविवार रात खंभे में उतर रहे करंट की चपेट में आने से दो बच्चे झुलस गए। लोगों ने दोनों बच्चों को दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां एक बच्चे ने दम तोड़ दिया। दूसरे बच्चों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई है।
शहीद नगर के डी ब्लॉक में जानू वाली गली में रविवार रात करीब आठ बजे पास ही रहने वाले आबिद (15) और जिशान (8) हाथ पकड़ कर जा रहे थे। इस दौरान आबिद का हाथ बिजली खंभे से टच कर गया। खंभे में उतर रहे करंट की चपेट में दोनों बच्चे आ गए।
यह देख आसपास लोगों नेे डंडा मारकर बच्चों को खंभे से अलग किया। इसके बाद दोनों बच्चों को तुरंत दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां उपचार के दौरान आबिद पुत्र सल्लू की मौत हो गई, वहीं जिशान पुत्र जलाल अल्बी को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई।
लोगों का आरोप है कि हादसे के दौरान पावर कारपोरेशन के अधिकारियों को बिजली काटने के लिए कहा गया, लेकिन बिजली नहीं काटी गई। अधिकारियों की लापरवाही की वजह से ही हादसा हुआ है।
पोस्टमार्टम नहीं कराने को लेकर हंगामा
आबिद की मौत के बाद जीटीबी अस्पताल के डॉक्टरों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए कहा, इसके बाद लोग भड़क उठे।
काफी संख्या में लोग शहीद नगर पुलिस चौकी पहुंचे और हंगामा करने लगे। लोगों ने आबिद का पोस्टमार्टम नहीं कराने की मांग की। इस पर एसएचओ साहिबाबाद राशिद अली उनके बीच पहुंचे और उन्होंने लोगों को समझाकर शांत कराया। उन्होंने बच्चे की पोस्टमार्टम नहीं कराने की मांग को मान लिया। इसके बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ।
हादसों से सबक नहीं ले रहा पावर कारपोरेशन
पावर कारपोरेशन की लापरवाहियों के कारण करंट से हो रही मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। दो दिन पहले भी वसुंधरा सेक्टर-14 में तार टूटने की वजह से पेड़ में करंट उतरने से ट्रांसपोर्टर समेत दो लोगों की मौत हो गई थी। इतना कुछ होने के बाद भी पावर कारपोरेशन के अधिकारी नहीं चेत रहे हैं।