रेजिडेंट्स की ओर से दाखिल की गई जनहित याचिका पर बृहस्पतिवार को सुनवाई करते हुए एनजीटी ने नगर निगम के नगर आयुक्त को कड़ी फटकार लगाई। कौशांबी में एयर और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट से निपटने के लिए कोई व्यवस्था न करने से खफा एनजीटी ने एक सप्ताह में इलाके में प्रदूषण को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए इसकी रिपोर्ट मांगी है।
कौशांबी में एयर और सालिड वेस्ट के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी। इसके कारण लोगों को परेशानी हो रही थी। लोगों की समस्या को देखते हुए कारवा की ओर से 2015 में एनजीटी में याचिका दाखिल की गई थी। नगर निगम के जवाब दाखिल करने के बाद 18 मई 2016 को एनजीटी में सुनवाई हुई थी।
एनजीटी में सुनवाई के बाद विभाग द्वारा कोई काम नहीं कराने पर कारवा ने एनजीटी में कोर्ट की अवमानना का केस फाइल किया दिया था। इसके बाद फिर से इस केस पर सुनवाई शुरू हुई।
कारवा के अध्यक्ष वीके मित्तल ने बताया कि बृहस्पतिवार को हुई सुनवाई में एनजीटी ने निगम के नगर आयुक्त को आदेश दिया है कि वह एफिडेविट फाइल करें कि अब तक कौशांबी इलाके से एयर पॉल्यूशन को कम करने और सालिड वेस्ट को हटाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।
एनजीटी ने पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड को निर्देश दिया है कि वह निगम के कामों की मानीटरिंग करे। अगली सुनवाई 11 नवंबर को होगी।