शहर के दस प्रमुख चौराहों को जाम मुक्त करने की योजना पर प्रशासन ने काम शुरू कर दिया है। बुधवार को डीएम निधि केसरवानी ने सभी अफसरों को इसके लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि शहर के ऐसे दस प्रमुख चौराहों को चिह्नित किया जाए, जहां अक्सर जाम की समस्या रहती है।
प्रशासनिक अफसरों की इस बैठक में तालाब, पोखर, चारागाह और सरकारी जमीनों पर हुए अतिक्रमण और अवैध कब्जों का भी मुद्दा उठा।डीएम ने कहा कि जाम का मुख्य कारण अतिक्रमण है। ऐसे में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाने की जरूरत है।
इस साथ ही यह भी ध्यान रखना होगा कि जहां एक बार अतिक्रमण हटा दिया जाए, वहां दोबारा से अतिक्रमण न हो। उन्होंने कहा कि पोखरों, तालाबों, चारागाह, सार्वजनिक स्थल, नगर निगम और नगर पालिका की भूमि से अवैध कब्जों को तत्काल हटवाया जाए।
सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले भू माफियाओं के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और उनकी सूची बनाकर थानों के रजिस्टर में उनके नाम दर्ज कराए जाएं।डीएम ने अफसरों को निर्देशित किया कि गर्मी के मौसम को देखते हुए हैंडपंपों को आवश्यकता अनुसार रिबोर कराया जाए।
कहीं पर भी पेयजल की समस्या नहीं होनी चाहिए। मुरादनगर एवं मोदीनगर के कुछ गांवों में हैंडपंपों से शुद्ध पेयजल नहीं निकलने की जानकारी पर डीएम ने कहा कि गांवों की सूची उपलब्ध कराई जाए, जिससे वहां सर्वे कराकर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
डीएम ने सड़कों को गड्ढामुक्त करने के मामले में संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य योजना के अनुसार तत्काल सभी सड़कें गड्ढामुक्त कर दी जाएं। निर्धारित अवधि के बाद किसी भी सड़क पर गड्ढा नहीं होना चाहिए।
बैठक में एडीएम प्रशासन ज्ञानेंद्र सिंह, एसडीएम लोनी प्रेम रंजन सिंह, नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत के अधिकारी उपस्थित रहे।