बिहार के बांका जिला की रहने वाली प्रियंका शर्मा दिल्ली के शालीमार बाग में रहती हैं। वर्ष 2022 में वह कौशांबी बस डिपो में संविदा पर चालक की नौकरी पर लगीं। उन्होंने बताया कि परिवहन निगम से कम और समय पर वेतन नहीं मिलने से परेशानी हो रही थी। छह हजार रुपये से बच्चों की पढ़ाई और घर नहीं चल पा रहा था। जिसकी वजह से दो माह पहले परिवहन निगम की नौकरी छोड़कर फिर से ट्रक चलाना शुरू कर दिया।
प्रियंका ने बताया कि वर्ष 2015 में पति की मौत के बाद उन्होंने ट्रक चलाया था। परिवहन निगम से भर्ती निकलने पर सरकारी नौकरी के लिए उन्होंने आवेदन कर दिया। आवेदन के बाद जॉब लगी। लेकिन छह हजार रुपये ही मिले इसमें घर का खर्च चलाना मुश्किल था। ऐसे में उन्होंने परिवहन निगम की नौकरी छोड़ दी और दोबारा ट्रक चलाने लगी।
बच्चों को देखने के लिए दो माह पहले प्रियंका ने छुट्टी ली थी। इसके बाद से वह डिपो नहीं आई। -शिवबालक, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, कौशांबी डिपो