गुलावठी थाना पर मार्च 2022 को दिल्ली निवासी एक महिला ने युवक अनीस पर धर्म परिवर्तन कराकर निकाह करने का आरोप लगाया था। इस प्रकरण में न्यायालय एससी एसटी कोर्ट ने अब अभियुक्त को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और साढ़े चार लाख रुपये का अर्थदंड सुनाया है।
धर्म परिवर्तन के मामले में आजीवन कारावास का यह प्रदेश का ही पहला मामला बताया जा रहा है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विपुल कुमार राघव ने बताया कि दिल्ली निवासी महिला शशि ने 15 मार्च 2022 को गुलावठी थाने पर तहरीर दी।
जिसमें उसने बताया था कि आरोपी अनीस ने करीब एक वर्ष पूर्व उसे अपना नाम आकाश बताया और फिर शादी कर ली। जिसके बाद आरोपी ने पीड़िता का धर्म परिवर्तन करा कर नाम आयशा रख दिया। इसके बाद आरोपी उसके ढाई लाख रुपये और जेवरात लेकर चला गया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया था। न्यायालय ने अब उसे दोषी मानते हुए आजीवन कारावास के साथ साढ़े चार लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है।