सीसीटीवी कैमरों से कंट्रोल रूम में बैठे कर्मचारी केवल नियम तोड़ने वाले वाहनों पर ही नजर नहीं रखेंगे बल्कि जाम जैसे हालात बनने पर तत्काल पुलिस टीम को रवाना किया जाएगा। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि आईटीएमएस से नगर निगम की 19 तरह की सेवाओं की भी निगरानी होगी। मसलन, कचरा एकत्र करने वाले वाहनों के अलावा सोलिड वेस्ट मेटेरियल उठाने वाले वाहनों, सड़क पर लावारिस मवेशियों, सफाई व्यवस्था, अतिक्रमण आदि पर भी नजर रखी जा सकेगी।
रात में भी चाक-चौबंद रहेगी व्यवस्था
योजना के तहत वीआईडीएस (वीडियो इंसीडेंट डिटेक्शन सिस्टम) भी चौराहों पर लगाए जाएंगे। पोल के ऊपर लगे वीआईडीएस दिन के अलावा रात में भी सड़कों पर नजर रखेंगे। जाम, दुर्घटना के अलावा सड़क पर खड़े खराब वाहनों और गलत दिशा में चलने वाले वाहनों की जानकारी देंगे। इसके अलावा गलत तरीके से सड़क पार करने वाले भी इसकी निगरानी में होंगे।
आईटीएमएस एक नजर में
ईसीबी : चौराहों पर ईसीबी (इमरजेंसी कॉल बॉक्स) लगाए जाएंगे। आपात स्थिति में इस बॉक्स में लगा बटन दबाकर कंट्रोल रूम से संपर्क साधा जा सकता है।
आरएलवीडी : रेड लाइट वायलेशन डिटेक्शन कैमरे और ओवर स्पीड वायलेशन डिटेक्शन कैमरे (ओएसवीडी) से यातायात नियम तोड़ने वालों पर तत्काल कार्रवाई होगी।
एएनपीआर : आटोमेटिक नंबर प्लेट रिकागनाइजेशन कैमरे से यातायात नियम तोड़ने वाले वाहनों की पहचान करना और वाहन चोरों को पकड़ना भी आसान होगा।
आईटीएमएस योजना पर जून से काम शुरू हो जाएगा। इससे यातायात और कानून व्यवस्था में सुधार के साथ नगर निगम की सेवाओं को भी लाभ मिलेगा। -विक्रमादित्य सिंह मलिक, नगर आयुक्त