मसूरी थाना क्षेत्र के गांव सादतनगर इकला में शुक्रवार रात ढाई बजे चार लोगों ने मंदिर में घुसकर 80 हजार रुपये और मूर्तियां लूट लीं। विरोध करने पर साधु के साथ मारपीट की। साधु ने दो लोगों को पहचान लिया है। पुलिस ने उन्हें नामजद करते हुए चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस घटना को लेन-देन के विवाद से जोड़कर देख रही है।
गांव सादतनगर इकला की प्याऊ पर नरमदेश्वर महादेव मंदिर है। मंदिर के साधु बलराम गिरी ने थाने में दी तहरीर में कहा कि शुक्रवार रात करीब ढाई बजे चार लोग मंदिर में आ घुसे। उनसे मंदिर का दरवाजा खुलवाकर उन्होंने उनके साथ अभद्रता शुरू कर दी और फिर मारपीट करते हुए मंदिर निर्माण के लिए दान में आए 80 हजार रुपये लूट लिए। इसके अलावा आरोपियों ने दानपात्र से करीब आठ हजार रुपये, संदूक में रखा माइक, लड्डू गोपाल की पीतल की मूर्ति तथा सीता-राम और हनुमान की पत्थर की र्मू्तियां लूट लीं। साधु का कहना है कि उन्होंने दो लोगों को पहचान लिया है। ये इकला निवासी परवीन नागर और डासना निवासी वाहिज हैं। दोनों को नामजद करते हुए साधु ने तहरीर दी है।
मंदिर संचालक कमेटी के अध्यक्ष ने साधु पर लगाए आरोप
साधु बलराम गिरी मूलरूप से उड़ीसा के रहने वाले हैं। घटना को लेकर गांव के ही कुछ लोगों तथा मंदिर संचालक कमेटी के अध्यक्ष महेंद्र सिंह ने उन्हीं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मसूरी थाने में दी शिकायत में महेंद्र सिंह ने कहा है कि साधु बलराम गिरी मंदिर में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रखते हैं। उन्हें साथ नशाखोरी कराते हैं। नशे में श्रद्धालुओं के साथ अभद्रता की जाती है।
पहले मंदिर से जा चुके हैं साधु बलराम गिरि
महेंद्र सिंह का कहना है कि बलराम गिरी वर्ष 2019 में मंदिर के पुजारी के तौर पर आए थे, लेकिन कुछ समय बाद वापस चले गए। अभी कुछ समय पहले फिर से आ गए। उनका कहना है कि मंदिर में कोई लूट की घटना नहीं हुई। सिर्फ आपसी विवाद में साधु द्वारा स्थानीय लोगों पर अनाप-शनाप आरोप लगाया गया है।
मारपीट व लूट का केस दर्ज कर लिया गया है। सभी पहलुओं पर मामले की सच्चाई का पता लगाया जा रहा है। साक्ष्यों के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
- आकाश पटेल, एएसपी सदर