शादी में ललित के परिजनों की मांग पर सात लाख रुपये दहेज व अन्य सामान दिया था। शादी के बाद से ही श्वेता से पति ललित शर्मा, ससुर सतीश चंद शर्मा, जेठ कुलदीप शर्मा व सास पूरी तरह से खुश नहीं थे। बार-बार दहेज में कार की मांग करते हुए श्वेता को मायके में छोड़ देते थे।
बुलंदशहर में दहेज के लिए पत्नी को प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में कोर्ट ने दोषी पति ललित शर्मा को सात साल कैद की सजा सुनाई है। एडीजे द्वितीय की कोर्ट ने दोषी पर 22 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
विज्ञापन
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि 22 जून 2016 को फिरोजाबाद जिले के गांव बासदेवमई निवासी महेंद्र मोहन ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि उसने अपनी भतीजी श्वेता रानी का विवाह बुलंदशहर के मोहल्ला राधा नगर निवासी ललित कुमार शर्मा के साथ किया था।
दहेज की मांग करते हुए छोड़ आते थे मायके
शादी में ललित के परिजनों की मांग पर सात लाख रुपये दहेज व अन्य सामान दिया था। शादी के बाद से ही श्वेता से पति ललित शर्मा, ससुर सतीश चंद शर्मा, जेठ कुलदीप शर्मा व सास पूरी तरह से खुश नहीं थे। बार-बार दहेज में कार की मांग करते हुए श्वेता को मायके में छोड़ देते थे। दहेज के लिए लगातार दवाब बनाते रहे।
विज्ञापन
22 जून को सूचना मिली कि श्वेता की हत्या कर दी गई है। पुलिस ने हत्या की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की। जिसमें पता चला कि श्वेता ने पति के उकसाने पर आत्महत्या की थी। इसके बाद पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल की। साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर एडीजे द्वितीय कोर्ट ने पति को दोषी मानते हुए सात साल साल की कारावास और 22 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।