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बुलंदशहर: नौ माह की बच्ची से दुष्कर्म का आरोपी दोषी करार, आजीवन कारावास, 146 दिन में ही मिला न्याय

Tue, 14 Dec 2021 12:07 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर

सार

18 जुलाई 2021 को थाने पर तहरीर दी। जिसमें उन्होंने बताया कि उनकी नौ माह की पुत्री है। 18 जुलाई को सुबह करीब नौ बजे पड़ोस में रहने वाला राजा उनकी पुत्री को खिलाने के बहाने अपने घर ले गया था।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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बुलंदशहर के खुर्जा देहात कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में गत 18 जुलाई को नौ माह की मासूम बच्ची को खिलाने के बहाने अपने घर ले जाकर दुष्कर्म और कुकर्म करने वाले आरोपी को अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॅाक्सो अधिनियम डॉ. पल्लवी अग्रवाल के न्यायालय ने दोषी करार दिया है।

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पीड़ित पक्ष को न्यायालय ने 146 दिन में ही न्याय तक पहुंचाया है। जिससे परिजनों में खुशी है। न्यायालय ने अभियुक्त को आजीवन कारावास व 50 हजार रुपये अर्थदंड भी सुनाया है। अर्थदंड की समस्त धनराशि पीड़िता के परिजनों को देने के भी आदेश किए गए हैं।

जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल उपाध्याय और विशेष लोक अभियोजक महेश कुमार सिंह राघव और भरत शर्मा ने बताया कि खुर्जा देहात थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने 18 जुलाई 2021 को थाने पर तहरीर दी। जिसमें उन्होंने बताया कि उनकी नौ माह की पुत्री है। 18 जुलाई को सुबह करीब नौ बजे पड़ोस में रहने वाला राजा उनकी पुत्री को खिलाने के बहाने अपने घर ले गया था। करीब एक घंटे बाद आरोपी बच्ची को घर पर लिटा कर चला गया।
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घर पर आने के बाद उनकी पुत्री लगातार रोए जा रही थी। मां ने जब उसे चुप कराने की कोशिश की तो देखा की उसकी पुत्री ने शौच की हुई है, साथ ही गुप्तांगों से खून बह रहा था। जिसके बाद मां को जानकारी हुई कि उसकी पुत्री के साथ आरोपी पड़ोसी ने गलत काम किया है।

मामले में थाना  पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। साथ ही उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं, जांच के बाद आरोपी के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। न्यायालय ने अब विभिन्न साक्ष्यों और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलों को सुनने के बाद आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।

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ये गवाह हुए पेश

मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से आरोपी के खिलाफ कुल सात गवाह पेश किए गए। प्रथम गवाह के रुप में बच्ची की मां, दूसरा गवाह बच्ची की दादी, तीसरा गवाह चिकित्सक डॉ. सुधा शर्मा, थानाध्यक्ष विवेचक नीरज कुमार, महिला कांस्टेबल प्रियंका शर्मा, डॉ. गौरव गुप्ता व एक अन्य को पेश किया गया।

मुझसे गलती हो गई, माफ कर दो
सजा सुनाए जाने के बाद आरोपी राजा ने कहा कि उससे गलती हो गई है, उसे माफ कर दिया जाए। वहीं, अभियुक्त की ओर से उसके कम उम्र होने और सजा कम किए जाने की भी अपील की गई।

बच्चे होते हैं समाज का भविष्य: न्यायालय
न्यायाधीश डॉ. पल्लवी अग्रवाल ने सजा सुनाए जाने से पूर्व टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि बच्चे समाज का भविष्य होते हैं। स्वामी विवेकानंद ने भी कहा था कि स्त्री राष्ट्र का कल है। एक राष्ट्र को बनाने व संवारने में नारी सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। यह सत्य है..नारी में ही जनन क्षमता होती है।

पूर्व में भी न्यायालय ने 52 और 83 दिन के भीतर सुनाई हैं सजाएं
न्यायालय  ने सात मार्च 2021 को भी दुष्कर्म के एक मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। न्यायाधीश डॉ. पल्लवी अग्रवाल ने डिबाई थाना क्षेत्र में किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी को 52 दिन में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास सुनाया है। इसके अलावा न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार सिंह के न्यायालय ने 16 सितंबर २०२१ को दुष्कर्म के आरोपी को दोषी मानते हुए ८३ दिन के भीतर २० साल का कारावास सुनाया था। 
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