अवंतिका कालोनी को गुपचुप तरीके से नगर निगम द्वारा टेकओवर करने का मामला मुख्यमंत्री तक पहुंच गया है। सीएम कार्यालय से मंडलायुक्त को पत्र भेजकर जांच रिपोर्ट मांगी गई है। हालांकि मंडलायुक्त ने डीएम को और डीएम ने फिर नगर आयुक्त को जांच के आदेश दे दिए हैं, जबकि स्थानीय आरडब्ल्यूए ने नगर आयुक्त और निगम अधिकारियों पर ही गुपचुप तरीके से टेकओवर करने का आरोप लगाया है। इस मामले में डीएम विमल कुमार शर्मा का कहना है कि वह पूरे मामले को अपने स्तर से देखेंगे। नगर आयुक्त से कुछ बिंदुओं पर आख्या मांगी गई है।
दरअसल, अवंतिका रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने निगम अधिकारियों पर आरोप लगाया था कि उन्होंने बिल्डर से सांठगांठ कर अधूरी सुविधाओं वाली कालोनी को टेकओवर कर लिया है।
यहां बिल्डर ने नक्शे के अनुरूप न तो पार्क विकसित किए और न ही सड़कों की चौड़ाई उतनी दी। सामुदायिक सुविधा के लिए छोड़ी गई जमीन भी बेच दी गई। कालोनी में डंपिंग ग्राउंड, सीवर, पानी, बिजली, ड्रेनेज की सुविधाएं भी मानकों के अनुरूप नहीं हैं।
इस कालोनी में फिलहाल 200 करोड़ से ज्यादा रकम के काम बाकी है। ऐसी हालत में निगम ने कालोनी टेकओवर की तो उसमें सुविधाएं विकसित भी नहीं कर पाएगा। उन्होंने इस कालोनी को टेकओवर करने की एवज में घूस लेने का भी आरोप लगाया था।
नगर निगम स्तर पर बोर्ड ने एक जांच कमेटी गठित की थी, लेकिन अभी तक जांच शुरू भी नहीं की गई। इस पर आरडब्ल्यूए अध्यक्ष ह्रदेश कंसल और संरक्षक वेदप्रकाश तोमर ने मुख्यमंत्री से ऑनलाइन शिकायत की थी। लखनऊ से इस मामले में जांच रिपोर्ट मांगी गई है। मंडलायुक्त ने डीएम को पत्र भेजकर 15 दिन में रिपोर्ट मांगी है।
निगम के इन घोटालों की भी अटकी है जांच
डस्टबिन घोटाला : अफसरों ने माना था कि ज्यादा रेट पर खरीदारी हुई थी
कंप्यूटर घोटाला : बाजार में 30 हजार में मिलने वाला कंप्यूटर 50 हजार में खरीदा
लोडर घोटाला : ट्रैक्टर पर तीन लाख का लोडर लगवाया, अब बेकार पड़े हैं
फर्जी भुगतान : फर्जी फर्म से खरीदी गईं लाइटें और बिजली उपकरण, सोलर लाइटें ज्यादा रकम पर खरीदीं
मूर्ति घोटाला : बीओटी फर्म की बजाय अंबेडकर मूर्ति लगवाने पर निगम ने खर्च किए 20 लाख