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अवंतिका विस्तार: हाईकोर्ट के आदेश पर केवल पत्थर डालकर पूरी कर ली जिम्मेदारी, बढ़ रहे हैं सड़क हादसे

Mon, 23 May 2022 05:55 PM IST
प्रशांत कुमार अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद।

सार

अवंतिका विस्तार में आंतरिक सड़कों के साथ नालियों का नामोनिशान गायब हो गया है। यही कारण है कि बारिश होने के बाद कई दिनों तक जर्जर सड़कों पानी जमा रहता है। ऐसे में सड़कों के साथ नालियों के निर्माण की मांग भी की जा रही है। वहीं आवासीय योजना पार्कों की दशा बेहद खराब है। ऐसे में पार्कों को सुधारने पर काम होने की आवाज उठाई जा रही है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अवंतिका विस्तार (फेज-दो) आवासीय योजना के आठ हजार वासियों को हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद राहत नहीं मिली है। अवंतिका एक्सटेंशन विकास समिति की याचिका पर हाईकोर्ट के नोटिस के बाद बिल्डर ने केवल पत्थर डालकर जिम्मेदारी पूरी कर ली। आदेश को नौ माह बीतने के बावजूद सड़क निर्माण तो दूर स्थिति और खराब हो चली है। 12 सालों में आंतरिक सड़कों का अस्तित्व खत्म होने के साथ लगातार सड़क हादसे बढ़ रहे हैं। 

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लोगों की परेशानी बढ़ने और राहत न मिलने पर अवंतिका एक्सटेंशन विकास समिति फिर से हाईकोर्ट का रुख करने की तैयारी कर रही है। आरडब्ल्यूए की याचिका पर पूर्व में हाईकोर्ट ने यूपी हाउसिंग एंड डेवलपमेंट प्रिंसिपल सेक्रेट्री, जीडीए और नगर निगम को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। समस्या का समाधान न होने की दशा में अब सरकारी विभागों को फिर से जवाब देना पड़ सकता है। आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों की मुख्य मांग जल्द सड़कों का निर्माण कराने और योजना को नगर निगम को हैंडओवर करने की है।
 

2009 में आखिरी बार बनी थीं आंतरिक सड़कें
आरडब्ल्यूए के मुताबिक साल 2009 में आखिरी बार आंतरिक सड़कों का निर्माण हुआ था। 12 साल में अब तक बिल्डर ने सड़कों का निर्माण तो दूर मरम्मत तक की सुध नहीं ली है। रविवार रात को हुई बारिश के कारण फिर से कई पॉकेट की आंतरिक सड़कों पर पानी भर गया। अवंतिका विस्तार के विभिन्न ब्लॉक में कई सड़कों का नामोनिशान खत्म हो चुका है। ऐसे में लोगों का पैदल चलना दूभर है। गड्ढों और बारिश का पानी जमा होने से बाइक फिसलने और लोगों के चोटिल होने की तमाम घटनाएं हो चुकी हैं। बड़े गड्ढे होने से कई दिनों तक बारिश का पानी जमा रहता है। आंतरिक सड़कों का निर्माण कराने और बिल्डर पर दबाव बनाने की कॉलोनी वासियों ने जीडीए अधिकारियों से कई बार गुहार लगाई, लेकिन नतीजा सिफर रहा।
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फिर से कोर्ट का करेंगे रुख
अवंतिका एक्सटेंशन की आंतरिक सड़कों का हाल बेहाल है। बिल्डर, जीडीए, नगर निगम कहीं भी सुनवाई नहीं होने पर मजबूरी में हाईकोर्ट में याचिका डाली थी। नौ माह बीतने के बावजूद समाधान नहीं होने से फिर से कोर्ट का रुख करने की तैयारी है।- एआर त्रिपाठी, अध्यक्ष, अवंतिका एक्सटेंशन विकास समिति

थोड़ी बारिश में भर जाता है पानी, लोगों ने आना छोड़ा
आंतरिक सड़कों का बुरा हाल है। गड्ढों में तब्दील हो चुकी सड़कों के चलते थोड़ी सी बारिश में स्थिति भयावह हो जाती है। सड़कों पर पानी जमा होने से बच्चों ने बाहर खेलना और लोगों ने आना छोड़ दिया है।- सुषमा तिवारी, अवंतिका एक्सटेंशन निवासी
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