शहर के चार बड़े बदहाल पार्क अब हरे-भरे नजर आएंगे। सीएचए के एक और टीएचए के तीन पार्कों को ‘अमृत’ योजना के तहत डेवलप किया जाएगा। इन पार्कों के विकास पर 4.03 करोड़ रुपया खर्च किया जाएगा। पार्कों में बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले भी लगाए जाएंगे।
सरकार से निगम की इस योजना को मंजूरी मिल गई है। अब फंड जारी होना बाकी है। नगर निगम के उद्यान विभाग ने इन पार्कों के डेवलपमेंट का प्रपोजल तैयार कर शासन को भेजा था। लखनऊ से हरी झंडी मिलने के बाद प्रपोजल केंद्र सरकार को भेज दिया गया था।
दोनों ही जगह से गाजियाबाद नगर निगम के इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। निगम अफसरों का कहना है कि इस योजना में शहर के बड़े और खस्ताहाल पार्कों को शामिल किया गया है। 4.03 करोड़ के फंड से इनकी सूरत बदलकर स्थानीय लोगों को तोहफा दिया जाएगा।
इन पार्कों की बदलेगी सूरत
कविनगर इंडस्ट्रियल एरिया का स्वामी दयानंद पार्क, राजेंद्र नगर का गोल पार्क, जनकपुरी का खजूरी पार्क, कड़कड़ मॉडल का टंकी वाला पार्क
ये मिलेंगी सुविधाएं
टहलने के लिए फुटपाथ, पेड़-पौधे और घास लगाई लगाना, सिंचाई के लिए सबमर्सिबल और पाइप लाइन बिछाना, सोलर लाइट, सोलर हाईमास्ट लाइट, बेंच, हट का निर्माण किया जाएगा। बच्चों के मनोरंजन के लिए पार्कों में दो-दो सेट झूलों के लगेंगे। पार्क डेवलप होने के बाद लोग मॉर्निंग वॉक और बच्चे मनोरंजन कर सकेंगे।
निगम के चार पार्कों के प्रस्तावों पर सरकार से मंजूरी मिल गई है। जल्द ही फंड रिलीज हो जाएगा। इसके बाद पार्कों का सौंदर्यीकरण और उद्यानीकरण का काम शुरू कराया जाएगा। - एसके तिवारी, उप नगर आयुक्त