शासनादेश के खिलाफ बुलंदशहर इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक पब्लिक स्कूल में मेडिकल कालेजों में दाखिले के लिए फर्जी काउंसलिंग चल रही थी। प्रशासन को जब इसकी भनक लगी तो प्रशासन और पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंच कर काउंसलिंग रुकवा दी और अभ्यर्थियों को वापस कर दिया।उत्तर प्रदेश यूनाएडा मेडिकल कालेज वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से यह काउंसलिंग कराई जा रही थी।
दोपहर करीब दो बजे डीएम को पता चला कि पब्लिक स्कूल में मेडिकल की काउंसलिंग चल रही है। सूचना मिलने के तुरंत बाद डीएम, एडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट पुलिस की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वहां तीन शिक्षक नीट-2916 में सफल विद्यार्थियों की काउंसलिंग कर रहे थे। टीम ने तुरंत काउंसलिंग रुकवा कर शिक्षकों से पूछताछ की।
एडीएम जेएस मिश्र ने बताया कि शासन ने 22 अगस्त को सर्कुलर जारी कर केवल सरकारी कालेजों में ही काउंसलिंग के आदेश दिए हैं। इसके बावजूद संस्था द्वारा पब्लिक स्कूल में किस आधार पर काउंसलिंग कराई जा रही है, इसकी जांच की गई। जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
शासन स्तर पर ही इस मामले में प्राइवेट मेडिकल संस्था के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी होंगे अथवा कोर्ट में केस दर्ज होगा। उन्होंने बताया कि इस काउंसलिंग में स्कूल का कोई रोल सामने नहीं आया है।
112 में से 36 बच्चों की हो चुकी थी काउंसलिंग
गाजियाबाद सेंटर में ऑफलाइन काउंसलिंग के लिए 112 विद्यार्थी पंजीकृत थे। इनकी काउंसलिंग सुबह 10 बजे से होनी थी, दोपहर तक 36 विद्यार्थियों की काउंसलिंग हो चुकी थी। प्रशासन ने सभी विद्यार्थियों के नामों की सूची जप्त कर ली।
काउंसलिंग के लिए यूपी में बनाए गए थे तीन सेंटर
ऑफलाइन काउंसलिंग के लिए संस्था द्वारा यूपी में तीन सेंटर बनाए गए थे। इनमें गाजियाबाद स्थित सिल्वर लाइन स्कूल समेत लखनऊ का गुरुनानक गर्ल्स डिग्री कालेज और बरेली का द गुरु स्कूल शामिल हैं।
स्कूल प्रशासन का कहना
संस्था द्वारा पिछले 15 वर्षों से काउसलिंग के लिए स्कूल का हॉल किराए पर लिया जाता रहा है। यह संस्था सरकार की ओर से मान्य है, ऐसे में किराए पर देने में हमें कोई आपत्ति भी नहीं। हर बार की तरह इस बार भी उन्होंने किराए पर हॉल लिया था। इस काउंसलिंग की पूरी व्यवस्था प्राइवेट मेडिकल संस्था की ओर से ही की जाती है। इसमें हमारा कोई रोल नहीं। - सुभाष जैन, सिल्वर लाइन स्कूल के चेयरमैन
तीन दिन की थी काउंसलिंग
उत्तर प्रदेश यूनाएडा मेडिकल कालेज वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से यह काउंसलिंग 3 से शुरू होकर 5 सितंबर तक होनी थी। पहले फेज में काउंसलिंग ऑनलाइन ही हुई है। दूसरे फेज में ऑफ लाइन काउंसलिंग 4 को शुरू हुई। काउंसलिंग कर रहे तीन शिक्षक पुष्पेंद्र सिंह, सौरभ झा और अमित सक्सेना का कहना था कि वे लोग तो ऑर्गेनाइजेशन में शिक्षक के तौर पर कार्यरत हैं। उन लोगों को नए जीओ के बारे में कुछ भी मालूम नहीं था।
स्विच ऑफ हो गए हेल्पिंग नंबर
प्राइवेट मेडिकल संस्था द्वारा अपनी वेबसाइट पर तीन अलग-अलग नंबर अपलोड किए गए हैं। शाम 6 बजे जब इन नंबरों को मिलाया गया था, सभी स्विच ऑफ मिले। संस्था के चेयरमैन का भी नंबर नहीं लगा।