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गाजियाबाद: लोन माफिया लक्ष्य तंवर पर धोखाधड़ी का 35वां केस दर्ज, माता-पिता व पत्नी समेत 15 आरोपी नामजद 

Thu, 28 Oct 2021 10:51 PM IST
सुशील कुमार कुमार माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद 

सार

एलएस मौर्य का कहना है कि फर्म के नाम से व्यापार के लिए दो करोड़ का लोन लेकर लक्ष्य तंवर व अन्य लोगों ने आपस में बंदरबांट कर लिया और इस रकम को बैंक में जमा नहीं किया। जिसके चलते खाता एनपीए में चला गया।
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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गाजियाबाद में 200 करोड़ से अधिक का फर्जीवाड़ा कर चुके लोन माफिया लक्ष्य तंवर पर धोखाधड़ी का 35वां मुकदमा गुरुवार को नगर कोतवाली पुलिस ने दर्ज किया है। इस संबंध में गोविंदपुरम निवासी सेवानिवृत्त डीएसपी एलएस मौर्य ने शिकायत दी थी। उनका आरोप है कि सेंट्रल बैंक की राइट गंज शाखा के तात्कालीन मैनेजर संजय कुमार तितरवे से साठगांठ कर लक्ष्य तंवर ने दो करोड़ रुपये का लोन निकाल लिया और अपने परिजनों व गैंग के सदस्यों के साथ मिलकर बंदरबांट कर लिया। पुलिस ने लक्ष्य, उसके माता-पिता और पत्नी समेत 15 आरोपियों को नामजद किया है।

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एलएस मौर्य के मुताबिक दो करोड़ का लोन निकालने के लिए लक्ष्य तंवर ने अपनी मुंहबोली मां अलका रानी व उनके पति सुनील कुमार निवासी तुराबनगर, अपनी सगी मां रेनु देवी तथा अपने गैंग के सक्रिय सदस्य नरेश बग्गा निवासी नेहरू नगर सेकेंड को अपने साथ षड्यंत्र में शामिल किया। पहले अलका रानी के नाम शिवम ट्रेडिंग कंपनी के नाम से फर्म बनाई और उसका खाता सेंट्रल बैंक की राइट गंज शाखा में खोला। 

लक्ष्य ने अलका रानी के नाम व्यापार करने के लिए फर्जी दस्तावेजों के जरिये 2.80 करोड़ रुपये की सीसी लिमिट स्वीकृत कराई। इसमें सुनील कुमार और मां रेनु देवी को गारंटर बनाया गया। गारंटी में नरेश बग्गा ने अपने पिता चरनजीत की संपत्ति के दस्तावेज रखे। इसके आधार पर तत्कालीन शाखा प्रबंधक संजय कुमार तितरवे ने फरवरी 2015 में 2.60 करोड़ रुपये की सीसी लिमिट स्वीकृत कर दी, जबकि चरनजीत बग्गा की जून 2007 में मृत्यु हो चुकी थी और उनकी संपत्ति का बैनामा दिसंबर 2014 में लक्ष्य अपनी मुंहबोली मां के नाम करा चुका था। 
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चरनजीत बग्गा की मौत का पता लगने पर बैंक में दूसरी संपत्ति के दस्तावेज रखवाए गए और सीसी लिमिट घटाकर 2 करोड़ कर दी गई। एलएस मौर्य का कहना है कि फर्म के नाम से व्यापार के लिए दो करोड़ का लोन लेकर लक्ष्य तंवर व अन्य लोगों ने आपस में बंदरबांट कर लिया और इस रकम को बैंक में जमा नहीं किया। जिसके चलते खाता एनपीए में चला गया।

इनके खिलाफ दर्ज हुआ केस
तत्कालीन शाखा प्रबंधक संजय कुमार तितेरवा, शिवम ट्रेडिंग कंपनी की मालकिन अलका रानी, गारंटर सुनील कुमार व रेनु देवी, साजिशकर्ता लक्ष्य तंवर व नरेश बग्गा, लक्ष्य की पत्नी प्रियंका तंवर, अशोका सेनेट्री की पार्टनर राजरानी कालरा व सूरज कालरा निवासी अशोक नगर, लक्ष्य तंवर का पिता अशोक कुमार, अजय पुरोहित निवासी नेहरू नगर, विशेष बहल निवासी कविनगर, रमेश रानी छतवाल, वीवी इंटरप्राइजेज, श्रीराम कंस्ट्रक्शन कंपनी और सिद्ध इंटरप्राइजेज के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन का केस दर्ज किया है।

लक्ष्य पर दर्ज मामलों की जांच कर रही है एसआईटी
पुलिस के मुताबिक लक्ष्य तंवर पर धोखाधड़ी के अब तक 35 मामले दर्ज हो चुके हैं। इनमें से एक केस ईओडब्ल्यू मेरठ, दो मामले एसीबी देहरादून, तीन मामले एसीबी गाजियाबाद और एक केस सीबीआई दिल्ली में हैं। सीबीआई दिल्ली समेत चार मामलों में लक्ष्य तंवर के खिलाफ चार्जशीट जा चुकी है। इसके अलावा लक्ष्य पर दहेज एक्ट का एक मामला कानपुर में और मारपीट का एक मामला नगर कोतवाली में दर्ज है। धोखाधड़ी के मामलों की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। जो लक्ष्य पर दर्ज 16 मामलों की जांच कर रही है।

लक्ष्य तंवर को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। 12 लोगों के खिलाफ गैंगस्टर का केस भी दर्ज किया गया है। एक अन्य मामले में 15 के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामलों की जांच एसआईटी द्वारा की जा रही है। जल्द ही साक्ष्य जुटाकर चार्जशीट पेश की जाएगी। - निपुण अग्रवाल, एसपी सिटी

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