शहर के 80 वार्डों में सड़क, सीवर, नाले की समस्या दूर होगी। वार्ड कोटे के बाद अब महापौर कोटे से वार्डों में करीब 15 करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट खर्च किया जाएगा। इसके लिए निगम के निर्माण विभाग ने टेंडर कॉल कर लिए हैं। आचार संहिता लागू नहीं हुई तो जनवरी में ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएंगे।
नगर निगम कार्यकारिणी समिति और बोर्ड ने इस साल महापौर का कोटा सात करोड़ से बढ़ाकर 15 करोड़ कर दिया था। महापौर के विवेकाधीन कोटे से ऐसे क्षेत्रों में निर्माण कार्य कराए जाते हैं, जहां आवश्यकता होने के बावजूद पार्षद निर्माण नहीं करा पाते हैं।
महापौर अशु वर्मा ने शहर के तकरीबन सभी वार्डों में अपने कोटे से काम कराने के प्रस्ताव निर्माण विभाग को दिए थे। निगम इंजीनियरों के एस्टिमेट तैयार करने के बाद चीफ इंजीनियर और नगर आयुक्त दोनों से इन्हें मंजूरी मिल चुकी है। निर्माण विभाग ने महापौर कोटे से 149 विकास कार्यों के लिए टेंडर भी कॉल कर लिए हैं।
15 जनवरी तक टेंडर प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।अवस्थापना निधि से वार्ड-70 शहीद नगर की एकता कालोनी में रविवार को 1.61 करोड़ रुपये के बजट से नाला निर्माण व पाइप लाइन का काम शुरू कराया गया। महापौर अशु वर्मा, स्थानीय पार्षद आदिल मलिक ने निर्माण कार्य का शिलान्यास किया।
इस दौरान भाजपा पार्षद सरदार सिंह भाटी, पूर्व पार्षद योगेश चौधरी, विनोद शर्मा, रवि भाटी, त्रिलोक चौधरी, कालीचरण, अरविंद चौधरी, अरुण पाल मौजूद रहे।
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महापौर बोले
पार्षदों के वार्ड में विकास कार्य कराने का कोटा निर्धारित है। यह कोटा खत्म होने के बावजूद भी काम बाकी हैं। वार्ड की जनता व सामाजिक संगठनों की मांग पर 149 विकास कार्य कराए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
15 जनवरी तक टेंडर प्रक्रिया पूरी कर जल्द से जल्द वर्क आर्डर जारी कराए जाएंगे, ताकि आचार संहिता लागू होने से विकास कार्यों की रफ्तार न रुके। - अशु वर्मा, महापौर